देश की खबरें | कृषि कानून के विरोध में जींद में महिला किसानों की हुई महापंचायत

जींद, 18 मार्च हरियाणा के जींद जिले के कंडेला गांव में बृहस्पतिवार को महिला किसान महापंचायत का आयोजन हुआ जिसमें संकल्प लिया गया कि जबतक केंद्र सरकार तीन कृषि कानूनों को वापस नहीं ले लेती तबतक आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा।

इसमें यह भी कहा गया है कि देशभर में महिला पंचायतों का तीन कृषि कानून के विरोध में आयोजन किया जाएगा। साथ में महिलाओं को किसान का दर्जा देने तथा कृषि उपकरणों पर जीएसटी खत्म करने की मांग को लेकर तीन प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किए गए। सर्वजातिय सर्वखाप महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष दहिया ने कहा कि तीन कृषि कानून किसान विरोधी हैं और जब तक ये कानून रद्द नहीं होते, एमएसपी की गारंटी सरकार नहीं देती तबतक आंदोलन किसी भी सूरत में खत्म नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि पिछले तीन माह से किसान इन कानूनों का विरोध कर रहे हैं और “ अब मातृ शक्ति भी सड़कों पर उतर आई है।”

उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे चुल्हा चौका से निकलकर ‘नस्ल व फसल बचाने’ की लड़ाई में ताकत झोंक दें।

इस बीच जिले में खटकड़ टोल के पास किसानों का धरना जारी है जहां भाकियू के जिलाध्यक्ष आजाद पालवां ने कहा कि जो भी जेजेपी, भाजपा नेताओं के कार्यक्रम की सूचना खटकड़ टोल पर किसान धरने पर देगा, उसे सम्मानित किया जाएगा और जेजेपी तथा भाजपा नेताओं का विरोध किया जाएगा। इसके अलावा दिल्ली में चल रहे किसान धरने के लिए पैदल जत्था भी रवाना हुआ।

पालवां ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 19 मार्च को कपास मंडी में शैड के नीचे किसान धरना देंगे।

इस बीच जिले के ही करसिंधु गांव में युवा, ग्रामीण एकत्रित हुए और आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया कि किसान आंदोलन का राजनीतिकरण करना गलत है।

बैठक की अध्यक्षता करने वाले पालेराम ने कहा कि आज दूसरे राजनीति दल के नेता तो गांवों में आ रहे है लेकिन क्षेत्र से विधायक एवं उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का विरोध किया जा रहा है।

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