देश की खबरें | महाभारत, रामायण के देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध शर्मनाक : अदालत

नयी दिल्ली, 17 फरवरी दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को कहा कि ऐसे देश में जहां महिलाओं के सम्मान के विषय पर महाभारत और रामायण जैसे महाकाव्य रचे गए, वहां महिलाओं के खिलाफ अपराध और हिंसा की घटनाएं होना शर्मनाक है।

अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट रवींद्र कुमार पांडे ने पूर्व केंद्रीय मंत्री एम जे अकबर द्वारा पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि के मुकदमे को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।

रमानी ने 2018 में सोशल मीडिया पर चली ‘मी टू’ मुहिम के तहत अकबर के खिलाफ यौन दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे। हालांकि, अकबर ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था।

अदालत ने कहा, "यह शर्मनाक है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध और हिंसा की घटनाएं ऐसे देश में हो रही हैं, जहां महाभारत और रामायण जैसे महाकाव्य महिलाओं के सम्मान के विषय पर लिखे गए।’’

अदालत ने धार्मिक ग्रंथों का उल्लेख करते हुए कहा कि वाल्मीकि रामायण में महिलाओं के अपार सम्मान का संदर्भ मिलता है, जब लक्ष्मण से सीता के बारे में बताने को कहा गया था। लक्ष्मण का जवाब था कि वह केवल उनके पैरों के बारे में ही बता सकते हैं क्योंकि उन्होंने उन्हें (सीता को) उससे ज्यादा कभी भी नहीं देखा था।

अदालत ने रामचरितमानस के अरण्य कांड में वर्णित जटायु प्रसंग का भी जिक्र किया जिसमें जटायु सीता हरण का विरोध करते हैं और रावण उनके पंख काट देता है।

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