देश की खबरें | मद्रास उच्च न्यायालय ने मंत्री सेंथिल बालाजी से जुड़ी याचिकाओं पर आदेश सुरक्षित रखा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मद्रास उच्च न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार किये जाने के बावजूद तमिलनाडु के मंत्री वी सेंथिल बालाजी के मंत्रिमंडल में बने रहने और राज्यपाल आर एन रवि द्वारा उन्हें मंत्रिपरिषद से बर्खास्त करने के कदम को अचानक रोक लेने संबंधी रिट याचिकाओं पर शुक्रवार को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया।
चेन्नई, चार अगस्त मद्रास उच्च न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार किये जाने के बावजूद तमिलनाडु के मंत्री वी सेंथिल बालाजी के मंत्रिमंडल में बने रहने और राज्यपाल आर एन रवि द्वारा उन्हें मंत्रिपरिषद से बर्खास्त करने के कदम को अचानक रोक लेने संबंधी रिट याचिकाओं पर शुक्रवार को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया।
मुख्य न्यायाधीश एस. वी. गंगापुरवाला और न्यायमूर्ति पी. डी. ऑडिकेसवालु की पीठ ने 29 जुलाई को दोनों पक्षों की वृहद दलीलें सुनने के बाद मामले में अपनी लिखित दलीलें दाखिल करने का निर्देश दिया था। तदनुसार, याचिकाकर्ताओं- वकील एम एल रवि, रामकृष्णन और जे. जयवर्धन तथा राज्य सरकार ने शुक्रवार को अपनी लिखित दलीलें दाखिल कीं।
जनहित याचिका में सेंथिल बालाजी को बर्खास्त किये जाने के अपने आदेश को तमिलनाडु के राज्यपाल द्वारा स्थगित करने के निर्णय को रद्द करने की मांग की गयी है।
अन्य दो रिट याचिकाओं में सवाल उठाया गया है कि सेंथिल बालाजी किस अधिकार के तहत मंत्री का पद संभाल रहे हैं।
प्रवर्तन निदेशालय द्वारा धनशोधन मामले में 14 जून, 2023 को गिरफ्तार किए गए सेंथिल बालाजी बिना विभाग के मंत्री बने हुए हैं। वह वर्तमान में पुझल केंद्रीय जेल में बंद हैं और न्यायिक हिरासत में हैं।
महाधिवक्ता आर षणमुगसुंदरम ने 28 जुलाई को दलील दी थी कि सेंथिल बालाजी को मंत्रिपरिषद से हटाने का एकतरफा निर्णय राज्यपाल नहीं ले सकते।
राज्यपाल एन रवि ने 29 जून को सेंथिल बालाजी को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया, लेकिन कुछ ही घंटों के भीतर राजभवन ने इस अभूतपूर्व आदेश पर रोक लगा दी।
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