देश की खबरें | मद्रास उच्च न्यायालय ने ईडी के छापे के खिलाफ टीएएसएमएसी की याचिका खारिज की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मद्रास उच्च न्यायालय ने तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (टीएएसएमएसी) और राज्य सरकार की ओर से दायर उन याचिकाओं को बुधवार को खारिज कर दिया, जिनमें मार्च में सरकारी शराब की खुदरा विक्रेता टीएएसएमएसी से जुड़े परिसरों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के छापों को चुनौती दी गई थी।

चेन्नई, 23 अप्रैल मद्रास उच्च न्यायालय ने तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (टीएएसएमएसी) और राज्य सरकार की ओर से दायर उन याचिकाओं को बुधवार को खारिज कर दिया, जिनमें मार्च में सरकारी शराब की खुदरा विक्रेता टीएएसएमएसी से जुड़े परिसरों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के छापों को चुनौती दी गई थी।

न्यायमूर्ति एसएम सुब्रमण्यम और न्यायमूर्ति के राजशेखर की खंडपीठ ने टीएएसएमएसी की ओर से दायर दो याचिकाओं और तमिलनाडु सरकार की ओर से दाखिल एक याचिका को खारिज कर दिया। साथ ही ईडी को धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत आगे की कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

टीएएसएमएसी और राज्य सरकार ने सरकारी शराब की खुदरा विक्रेता से जुड़े परिसरों पर ईडी के छह और आठ मार्च के छापों के खिलाफ उच्च न्यायालय का रुख किया था।

पीठ ने कहा कि धनशोधन का अपराध देश के लोगों के खिलाफ अपराध है और छापेमारी राष्ट्र के हित एवं लाभ के लिए की गई थी।

उसने कहा कि तलाशी के दौरान अधिकारियों को घंटों तक हिरासत में रखने और कर्मचारियों को बेवक्त घर भेजने की दलील देश के लाखों लोगों के अधिकारों के मद्देनजर अपर्याप्त एवं असंगत थी।

पीठ ने सवाल किया कि क्या (याचिका में गिनाई गई) कुछ असुविधाओं, जो संविधान के अनुच्छेद 21 में निहित “कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया” का नतीजा थीं, को इस देश के लोगों के आर्थिक अधिकारों के खिलाफ हुए अपराध के बराबर माना जा सकता है?

छापे के राजनीतिक प्रतिशोध का नतीजा होने संबंधी दलील पर पीठ ने कहा, “क्या कोई अदालत राजनीतिक ताकतों की जांच कर सकती है या सियासी खेल में भागीदार बन सकती है। निश्चित तौर पर नहीं। यह अदालत का कर्तव्य नहीं है।”

उच्च न्यायालय ने कहा, “जब ‘ए’ पार्टी सत्ता में आती है, तो ‘बी’ पार्टी आरोप लगाती है कि उसके खिलाफ की गई कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है। वहीं, जब ‘बी’ पार्टी सत्ता में आती है, तो ‘ए’ पार्टी आरोप लगाती है कि उसके खिलाफ की गई कार्रवाई राजनीतिक से प्रेरित है। लेकिन क्या अदालतें वह स्थान हैं, जहां इस बात का फैसला किया जाना चाहिए?”

उसने कहा, “अपराध चाहे ‘ए’ पार्टी ने किया हो या ‘बी’ पार्टी ने, हम सिर्फ अपने सामने पेश सामग्री पर गौर कर सकते हैं, कानून लागू कर सकते हैं और यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि न्याय मिले।”

पीठ ने कहा, “यह दलील (राजनीतिक प्रतिशोध) पेश करने का सही स्थान इस देश के लोग हैं। वे सत्ता में बैठे लोगों की हरकतों को देखते हैं और इसलिए राजनीति से जुड़े मामले का फैसला करने के लिए सबसे अच्छे न्यायाधीश हमारे देश के लोग ही होंगे। अंततः जनता की इच्छा सबसे ज्यादा मायने रखती है।”

उच्च न्यायालय ने कहा कि अगर यह अदालत मानती है कि जांच एजेंसी की ओर से ली गई तलाशी उत्पीड़न है, तो इससे मुकदमों की बाढ़ आ जाएगी, जहां कानून के शासन से बंधा इस देश का प्रत्येक नागरिक हमारी आपराधिक कार्यवाही प्रणाली के प्रत्येक स्तर पर उत्पीड़न का आरोप लगाना शुरू कर देगा।

पीठ ने कहा कि जांच एजेंसी की ओर से की जाने वाली छापेमारी या तलाशी की योजना सावधानीपूर्वक बनाई और क्रियान्वित की जानी चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अपराधी पकड़े जाएं।

उसने कहा कि मौजूदा मामले में दलील दी गई कि याचिकाकर्ता कर्मचारियों से रुकने के लिए कहा गया था और उनके मोबाइल फोन जब्त कर लिये गए थे, जिसके कारण वे अपने परिवार से संपर्क करने में असमर्थ थे।

पीठ ने कहा, “लेकिन आमतौर पर औचक निरीक्षण इसी तरह से किया जाता है। अगर सभी कर्मचारियों को परिसर से बाहर जाने की अनुमति होगी, तो जांच एजेंसी निष्पक्ष और सुरक्षित तलाशी कैसे ले सकेगी।”

उसने कहा, “यह अनुच्छेद 21 के दायरे में कानून की उचित प्रक्रिया थी कि कर्मचारियों को हिरासत में लिया जाए, ताकि जांच को विफल करने के किसी भी प्रयास को रोका जा सके। इसे उत्पीड़न नहीं कहा जा सकता।”

पीठ ने कहा कि पीएमएलए का धारा-एक में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह अधिनियम पूरे भारत पर लागू होता है, ऐसे में संघवाद की अवधारणा यहां लागू नहीं हो सकती।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

Zimbabwe vs West Indies, T20 World Cup 2026 44th Match Weather Update: जिम्बाब्वे बनाम वेस्टइंडीज मुकाबले में बारिश डालेगी खलल या फैंस उठाएंगे पूरे मैच का लुफ्त? यहां जानें मुंबई के मौसम का हाल

India vs South Africa, T20 World Cup 2026 43rd Match Scorecard: अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका ने टीम इंडिया 76 रनों से दी करारी शिकस्त, मार्को जानसन ने चटकाए 4 विकेट; यहां देखें IND बनाम SA मैच का स्कोरकार्ड

Zimbabwe vs West Indies T20 World Cup Stats: टी20 वर्ल्ड कप में एक दूसरे के खिलाफ कुछ ऐसा रहा है जिम्बाब्वे बनाम वेस्टइंडीज का प्रदर्शन, यहां देखें आंकड़े

India vs South Africa, T20 World Cup 2026 43rd Match Scorecard: अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका ने टीम इंडिया के सामने रखा 188 रनों का लक्ष्य, डेविड मिलर ने खेली धमाकेदार पारी; यहां देखें पहली पारी का स्कोरकार्ड

\