देश की खबरें | लाड़ली लक्ष्मी बेटियों के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश पर उनकी फीस मध्य प्रदेश सरकार भरेगी : चौहान

भोपाल, दो मई मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को प्रदेश की लाड़ली लक्ष्मी बेटियों को ‘हां, मैं भी लाड़ली हूं’ की टैगलाईन देते हुए कहा कि लाड़ली लक्ष्मी बेटियों का मेडिकल, आईआईटी, आईआईएम, विधि संस्थानों और अन्य प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश होने पर उनकी फीस राज्य सरकार द्वारा भरी जाएगी।

चौहान ने लाड़ली लक्ष्मी दिवस पर यहां मुख्यमंत्री निवास परिसर में बेटियों के सम्मान, मार्गदर्शन और संवाद पर केन्द्रित राज्य स्तरीय लाड़ली लक्ष्मी उत्सव को संबोधित करते हए यह ऐलान किया।

उन्होंने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी बेटियों के लिए प्रदेश में नौ से 15 मई की अवधि में शहर और पंचायतों में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसमें नौ मई को खेल प्रतियोगिताएं, 10 मई को लाड़ली लक्ष्मी अनुकूल पंचायतों को पुरस्कार वितरण, 11 मई को वित्तीय और डिजिटल साक्षरता पर कार्यक्रम, 12 मई को स्वास्थ्य परीक्षण एवं नृत्य-गीत प्रतियोगिता, 13 मई को पुलिस थाना सहित शासकीय कार्यालयों का भ्रमण, 14 मई को ई-केवायसी के लिए अभियान और चित्रकला प्रतियोगिता तथा 15 मई को क्षेत्रीय पर्यटन स्थलों एवं अभिरुचि के अन्य स्थानों के भ्रमण का कार्यक्रम होगा।

चौहान ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना को 16 साल पूर्ण हो रहे हैं। प्रदेश में 44.85 लाख से अधिक लखपति लाड़लियों का परिवार बन गया, यह प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि बेटियों के प्रति समाज का दृष्टिकोण बदला है। बेटियों के प्रति दोयम दर्जे का व्यवहार ना हो और बेटा-बेटी को समान माना जाए, इस उद्देश्य से 16 साल पहले लाड़ली लक्ष्मी योजना आरंभ की गई थी।

चौहान ने कहा कि बेटियों की स्थिति में सुधार और समाज का दृष्टिकोण बदलने के लिए लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत शुरू किये गये प्रयासों की कड़ी में बालिकाओं की शिक्षा, उनके बेहतर स्वास्थ्य और आत्म-निर्भरता के लिए प्रशिक्षण आदि के लिए अनेक योजना शुरू की गई। उन्होंने कहा कि बेटी का विवाह बोझ न माना जाए, इसके लिये मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना आरंभ की गई।

चौहान ने कहा कि इन सब प्रयासों का प्रदेश में सकारात्मक प्रभाव दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 1,000 बेटों पर 956 बेटियां जन्म ले रही हैं और लिंगानुपात में हुआ यह सुधार समाज के बदले दृष्टिकोण का परिचायक है।

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