देश की खबरें | एमएसएमई क्षेत्र की 1,000 बीमार इकाइयों को फिर शुरू करायेगी मप्र सरकार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मध्यप्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार इस क्षेत्र की "वास्तविक कारणों से बंद हुईं" करीब 1,000 बीमार इकाइयों की मदद करते हुए उन्हें फिर शुरू कराने की योजना पर काम कर रही है।
इंदौर, 31 अगस्त मध्यप्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार इस क्षेत्र की "वास्तविक कारणों से बंद हुईं" करीब 1,000 बीमार इकाइयों की मदद करते हुए उन्हें फिर शुरू कराने की योजना पर काम कर रही है।
सखलेचा ने यहां संवाददाताओं को बताया, "हम राज्य की करीब 1,000 बीमार इकाइयों में उत्पादन बहाल कराने की कोशिश करेंगे। ये वैसी इकाइयां हैं जो वित्तीय संकट, उत्पादन तकनीक में आमूल-चूल बदलाव, बाजार के कारकों, श्रमिकों संबंधी मसलों और अन्य वास्तविक कारणों से बंद पड़ी हैं और इनके मालिक इन्हें दोबारा शुरू करना चाहते हैं।"
यह भी पढ़े | Grenade Attack in J&K’s Baramulla: बारामूला में सेना के काफिले पर ग्रेनेड अटै, छह नागरिक घायल- देखें Video.
उन्होंने कहा, "बीमार इकाइयों को सरकारी प्रोत्साहन के बूते फिर शुरू होने का एक मौका मिलना चाहिये। इस संबंध में हम ठोस नीति बनायेंगे।"
एमएसएमई मंत्री ने बताया कि चीन में बने सामान के आयात पर निर्भरता कम करने के लिये सूबे में खिलौने, फर्नीचर, बिजली उपकरण और दवाएं बनाने वाली इकाइयों को ‘क्लस्टर’ बनाकर बढ़ावा दिया जायेगा।
सखलेचा ने बताया कि प्रदेश सरकार रक्षा उपकरणों के विनिर्माण के क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने बताया, "हमारी रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) से बात हुई है। हम अगले डेढ़ महीने में इंदौर या भोपाल में डीआरडीओ के साथ बड़ा सेमिनार आयोजित करेंगे।"
उन्होंने बताया कि इस सेमिनार में उन रक्षा उपकरणों का प्रदर्शन भी किया जायेगा जिनके विनिर्माण की सूबे में संभावनाएं हैं।
उन्होंने कहा, "हम सूबे में डीआरडीओ की मदद से रक्षा उपकरणों की निर्यातोन्मुखी इकाइयां लगती देखना चाहते हैं।"
एमएसएमई मंत्री ने यह भी बताया कि मध्यप्रदेश के संयंत्रों में तैयार होने वाले सोयाबीन के अलग-अलग उत्पादों को गुणवत्ता के अंतरराष्ट्रीय मानकों के मुताबिक ढालते हुए इन्हें जापान निर्यात करने की संभावनाओं को भी खंगाला जा रहा है।
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश, देश का सबसे बड़ा सोयाबीन उत्पादक राज्य है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)