नयी दिल्ली, दो मई दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने दिल्ली भेषज विज्ञान एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय (डीपीएसआरयू) द्वारा 2019 में संकाय सदस्यों की भर्ती में बड़े पैमाने पर हुई कथित अनियमितता की जांच के लिए शिकायतों को आगे बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। राजनिवास के अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
प्रशिक्षण एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को ऐसी कई शिकायतें मिली थी, जिनमें आरोप लगाया गया था कि डीपीएसआरयू में संकाय सदस्यों और कर्मचारियों की नियुक्तियों में बड़े पैमाने पर घोटाला, पक्षपात और भ्रष्टाचार हुआ है।
विश्वविद्यालय में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और सहायक प्रोफेसर के पदों के लिए नियुक्तियों में हुई कथित अनियमितताओं के सिलसिले में 2020 से शिकायत प्राप्त होनी शुरू हुई थी। इन रिक्तियों के लिए जुलाई 2019 में विज्ञापन प्रकाशित किये गये थे।
उपराज्यपाल ने इस सिलसिले में मुख्य सचिव के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है जिसमें डीपीएसआरयू को जांच के लिए सात दिनों का नोटिस दिया गया है।
उपराज्यपाल डीपीएसआरयू के कुलाधिपति भी हैं।
मुख्य सचिव ने कथित अनियमितता की जांच के लिए डीपीएसआरयू अधिनियम की धारा आठ लगाने का प्रस्ताव किया है। यह धारा कुलाधिपति को विश्वविद्यालय की गतिविधियों की जांच करने की शक्तियां देता है।
डीपीएसआरयू ने 23 फरवरी 2019 को जारी एक विज्ञापन के जरिये संकाय सदस्यों के 21 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किये थे। भर्ती नियमों में संशोधन के बाद विश्वविद्यालय ने संकाय सदस्यों के 52 पदों के लिए 26 जुलाई 2019 को एक अन्य विज्ञापन दिया था। इसमें पूर्व में अधिसूचित 21 पद भी शामिल किये गये थे।
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