जरुरी जानकारी | किसानों को टिकाऊ खेती का प्रशिक्षण देने को एलटी फूड्स, आईसीएआर-एनसीआईपीएम में करार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. एलटी फूड्स ने चार राज्यों में 10,000 किसानों को टिकाऊ कृषि पद्धतियों पर प्रशिक्षित करने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय एकीकृत कीट प्रबंधन अनुसंधान केंद्र (आईसीएआर-एनसीआईपीएम) के साथ एक शुरुआती समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
नयी दिल्ली, 14 अगस्त एलटी फूड्स ने चार राज्यों में 10,000 किसानों को टिकाऊ कृषि पद्धतियों पर प्रशिक्षित करने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय एकीकृत कीट प्रबंधन अनुसंधान केंद्र (आईसीएआर-एनसीआईपीएम) के साथ एक शुरुआती समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
कंपनी ने सोमवार को बयान में कहा कि समझौता ज्ञापन (एमओयू) के अनुसार, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में किसानों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
इसमें कहा गया है कि किसानों को पानी, कीटनाशकों और उर्वरकों जैसे संसाधनों का महत्तम करने, कृषि प्रक्रिया को पर्यावरण अनुकूल बनाए रखने और ग्रीनहाउस गैस (जीएचजी) उत्सर्जन और पानी की खपत को कम करने के पर्यावरणीय, सामाजिक और शासन (ईएसजी) लक्ष्यों का समर्थन करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
आईसीएआर-एनसीआईपीएम टिकाऊ चावल उत्पादन (एसआरपी) के एक घटक के रूप में चावल में एकीकृत फसल प्रबंधन (आईसीएम) पर लिखित सामग्री तैयार करेगा और फसल में प्रमुख कीटों और बीमारियों के प्रबंधन के बारे में परामर्श प्रदान करेगा।
यह कदम वर्ष 2025 तक 50,000 किसानों को टिकाऊ कृषि पद्धतियों पर प्रशिक्षित करने के एलटी फूड्स के बड़े ईएसजी लक्ष्यों का हिस्सा है।
एलटी फूड्स पहले ही अपने एसआरपी कार्यक्रम के तहत 20,000 किसानों को प्रशिक्षित कर चुकी है।
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