जरुरी जानकारी | घाटे में चल रही कंपनियां अब गैर-कार्यकारी निदेशकों को दे सकती हैं पारितोषिक
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नयी दिल्ली, 19 मार्च घाटे में चल रही कंपनियां अब स्वतंत्र निदेशकों समेत अपने गैर-कार्यकारी निदेशकों को पारितोषिक दे सकती हैं। सरकार ने इसके लिये मौजूदा नियमों में संशोधन किया है।
कंपनी कानून, 2013 के तहत कुछ प्रावधानों में संशोधन किये गये हैं।
अब कंपनियों को अगर लाभ नहीं होता है या अपर्याप्त लाभ होता है, वे गैर-कार्यकारी निदेशकों को पारितोषिक दे सकते हैं जो कुछ शर्तों पर निर्भर है।
कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार पारितोषिक सीमा प्रबंधक कार्यों से जुड़े लोगों या कार्यकारी निदेशकों को दी जाने वाली कुल राशि की 20 प्रतिशत होगी।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ताजा कदम से घाटे में चल रही कंपनियों और जिनका लाभ पर्याप्त नहीं है, उन्हें स्वतंत्र निदेशक समेत गैर-कार्यकारी निदेशकों के पारितोषित भुगतान में मदद मिलेगी। अबतक ऐसी कंपनियों के गैर-कार्यकारी निदेशकों बैठक शुल्क छोड़कर कोई भी पारितोषिक देने की अनुमति नहीं थी। इससे उन्हें जानकार और प्रतिभावान लोगों को आकर्षित करने में कठिनाई होती थी।
निर्धारित सीमा से अधिक राशि के भुगतान के लिये संबंधित कंपनियो को अपने शेयरधारकों से मंजूरी लेने की जरूरत होगी।
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