जरुरी जानकारी | करीब 3 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में टिड्डी नियंत्रण अभियान चलाया गया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. टिड्डियों द्वारा फसलों की बर्बादी की घटनाओं के जारी रहने के बीच केन्द्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले इस कीट को नियंत्रित करने का अभियान, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार सहित नौ राज्यों के करीब तीन लाख भू-क्षेत्र में चलाया गया है।
नयी दिल्ली, 14 जुलाई टिड्डियों द्वारा फसलों की बर्बादी की घटनाओं के जारी रहने के बीच केन्द्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले इस कीट को नियंत्रित करने का अभियान, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार सहित नौ राज्यों के करीब तीन लाख भू-क्षेत्र में चलाया गया है।
भारत में अप्रैल से ही टिड्डियों की समस्या है और व्यापक तौर पर उत्तरी राज्यों में टिड्डियों का झुंड मौजूद हैं। अमेरिकी निकाय, खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) ने इस महीने के लिए भारत को सतर्क रहने के बारे में आगाह किया है।
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सरकार टिड्डियों को नष्ट करने के लिए नवीनतम प्रौद्योगिकी एवं उपकरणों का इस्तेमाल कर रहा है ताकि अन्य स्थानों पर इसके फैलाव को रोका जा सकें।
कृषि मंत्रालय ने ताजा स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, झुंझुनू, श्रीगंगानगर, अलवर और चूरू जिलों में अपरिपक्व गुलाबी टिड्डियों और वयस्क पीले टिड्डियों के झुंड सक्रिय थे।
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उन्होंने कहा कि हरियाणा के भिवानी और महेंद्रगढ़ जिलों में और उत्तर प्रदेश के सीतापुर और गोंडा जिलों में भी टिड्डियों के झुंड सक्रिय थे। जबकि
इनको नियंत्रण करने के उपायों को अभी भी जारी रखा गया है तथा राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे तीन राज्यों में 33 स्थानों पर नियंत्रणकारी अभियान चलाया गया है।
मंत्रालय ने कहा कि टिड्डी सर्किल कार्यालयों (एलसीओ) के द्वारा 11 अप्रैल से 12 जुलाई तक करीब तीन लाख हेक्टेयर क्षेत्र में नियंत्रण उपाय किये गये जिसमें राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, गुजरात, उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे नौ राज्यों के 1.60 लाख हेक्टेयर का भु-क्षेत्र भी शामिल हैं।
राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, हरियाणा और बिहार में 12 जुलाई, 2020 तक, राज्य सरकारों द्वारा 1,36,781 हेक्टेयर क्षेत्र में टिड्डी नियंत्रण कार्य किया गया है।
इस नियंत्रणकारी अभियान को टिड्डी नियंत्रण कार्यालय (एलसीओ) और प्रदेश कृषि विभाग के कर्मचारियों, दोनों के द्वारा चलाया जा रहा है।
मंत्रालय ने कहा कि 12 और 13 जुलाई, 2020 की दरम्यानी रात में राजस्थान के 7 जिलों बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, चूरू, झुंझुनू और अलवर में 26 जगहों, उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में एक स्थान पर और हरियाणा के महेंद्रगढ़ और भिवानी जिलों में दो स्थानों पर एलसीओ द्वारा टिड्डी नियंत्रण अभियान चलाया गया। इसके अलावा, 12 और 13 जुलाई, 2020 की ही दरम्यानी रात में हरियाणा के भिवानी और महेंद्रगढ़ जिलों में दो स्थानों पर और उत्तर प्रदेश के सीतापुर तथा गोंडा जिलों में दो स्थानों पर संबंधित राज्य कृषि विभाग द्वारा टिड्डियों के छोटे और बिखरे समूहों को नियंत्रित करने के लिए टिड्डी नियंत्रण अभियान चलाया गया।
अभी राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में स्प्रे वाहनों के साथ 60 नियंत्रण टीमों को तैनात किया गया है और केंद्र सरकार के 200 से अधिक कर्मचारी टिड्डी नियंत्रण कार्यों में लगे हुए हैं।
इसके अलावा, 20 स्प्रे उपकरण प्राप्त हुए हैं और टिड्डी नियंत्रण कार्य के लिए तैनात किए गए हैं। टिड्डियों पर नियंत्रण की क्षमता को मजबूत करने के लिए 55 अतिरिक्त वाहन भी खरीदे गए हैं और इन्हें टिड्डी नियंत्रण कार्य में लगाया गया है।
इसके अलावा, राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, नागौर और फलोदी में 15 ड्रोनों के साथ 5 कंपनियों को कीटनाशकों के छिड़काव के माध्यम से ऊंचे पेड़ों और दुर्गम इलाकों में मौजूद टिड्डियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए तैनात किया गया है।
राजस्थान में एक बेल हेलीकॉप्टर भी तैनात किया गया है जिसका इस्तेमाल आवश्यकतानुसार निर्धारित मरूस्थल क्षेत्र में किया जाएगा। भारतीय वायु सेना ने भी एमआई-17 हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल करते हुए टिड्डियों के खिलाफ अभियान चलाया है।
मंत्रालय ने कहा, ‘‘गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, बिहार और हरियाणा में फसलों को कोई खास नुकसान नहीं हुआ है। हालांकि, राजस्थान के कुछ जिलों में फसलों को मामूली नुकसान हुआ है।
राजेश
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 14, 2020 07:52 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

