लॉकडाउन : रेलवे ने फंसे प्रवासियों के लिए तेलंगाना से झारखंड के बीच पहली ट्रेन चलायी
पहली नॉन-स्टॉप ट्रेन शुक्रवार सुबह चार बजकर 50 मिनट पर तेलंगाना के लिंगमपल्ली रेलवे स्टेशन से रवाना हुई।
हैदराबाद, एक मई देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे हुए लाखों प्रवासी श्रमिकों के लिए बड़ी राहत का संकेत देते हुए एक विशेष ट्रेन तेलंगाना से 1,200 लोगों को लेकर झारखंड में हटिया के लिए रवाना हुई। इससे पहले रेल मंत्रालय ने फंसे लोगों की वापसी के लिए राज्य सरकार के अनुरोध को स्वीकार कर लिया।
पहली नॉन-स्टॉप ट्रेन शुक्रवार सुबह चार बजकर 50 मिनट पर तेलंगाना के लिंगमपल्ली रेलवे स्टेशन से रवाना हुई।
गृह मंत्रालय ने दो दिन पहले राज्यों को अपने निवासियों को लाने की अनुमति दी थी। तेलंगाना, केरल, पंजाब, बिहार जैसे कई राज्यों ने प्रवासियों के लिए विशेष ट्रेनें चलाने का अनुरोध किया था।
अधिकारियों ने यहां बताया कि यहाँ से लगभग 50 किलोमीटर दूर पड़ोसी संगारेड्डी जिले के प्रवासी श्रमिकों को बसों में लाया गया और उन्हें 24-डिब्बों वाली ट्रेन में चढ़ने की अनुमति दी गई।
कोरोना वायरस पर काबू के लिए देश भर में 25 मार्च को लॉकडाउन लागू किया गया था। उसके बाद यह देश में चलने वाली पहली यात्री ट्रेन थी।
हालांकि, अधिकारियों ने इस अभियान के बारे में कोई और जानकारी नहीं दी ।
सरकार की ओर से ट्रेन के बारे में कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई थी। बार बार प्रयास किए जाने के बाद भी जिले के अधिकारियों से संपर्क नहीं हो सका।
विशेष ट्रेन में सवार होने वाले कुछ कामगार संगारेड्डी में स्थित आईआईटी, हैदराबाद में काम कर रहे थे। वहां निर्माण मजदूरों ने विरोध प्रदर्शन किया था। पैसों का भुगतान नहीं होने का आरोप लगा रहे श्रमिकों ने पथराव भी किया था।
पथराव में एक उपनिरीक्षक सहित तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए और पुलिस का एक वाहन क्षतिग्रस्त हो गया था।
तेलंगाना सरकार के अधिकारियों ने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षित यात्रा के लिए दिशानिर्देशोंका का पालन किया गया है।
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के महानिदेशक अरुण कुमार ने नयी दिल्ली में पीटीआई- को बताया, ‘‘24 बोगियों वाली यह ट्रेन शुक्रवार सुबह चार बजकर 50 मिनट पर रवाना हुई।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)