लॉकडाउन: कर्नाटक सरकार ने 1,610 करोड़ रुपए के पैकेज की घोषणा की
मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने इस पैकेज की घोषणा की है, जिससे किसानों, मालियों, धोबियों, ऑटो रिक्शाचालकों, टैक्सी चालकों, एमएसएमई, बड़े उद्योगों, बुनकरों, निर्माण कर्मियों एवं नाइयों आदि को राहत मिलेगी।
बेंगलुरू, छह मई कर्नाटक सरकार ने कोविड-19 संक्रमण को काबू करने के मकसद से लगाए गए लॉकडाउन के कारण प्रभावित हुए लोगों को लाभ देने के लिए 1,610 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की बुधवार को घोषणा की।
मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने इस पैकेज की घोषणा की है, जिससे किसानों, मालियों, धोबियों, ऑटो रिक्शाचालकों, टैक्सी चालकों, एमएसएमई, बड़े उद्योगों, बुनकरों, निर्माण कर्मियों एवं नाइयों आदि को राहत मिलेगी।
सरकार ने 11 प्रतिशत उत्पाद शुल्क वृद्धि की घोषणा की है जो कि बजट में घोषित छह प्रतिशत शुल्क से अधिक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले डेढ़ महीने से अधिक समय से समाज के सभी वर्गों के लोग वित्तीय मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।
बंद के कारण मांग कम हो जाने की वजह से बागवानों ने अपने फूल नष्ट कर दिए हैं।
सरकार ने उनकी समस्याओं को समझते हुए फसल के नुकसान के लिए 25,000 रुपये प्रति हेक्टेयर का मुआवजा देने की घोषणा की है। फसल के नुकसान पर अधिकतम एक हेक्टेयर तक के लिए मुआवजा दिया जाएगा।
सब्जियां एवं फल उगाने वाले किसान मंडियों तक अपना सामान नहीं ले जा सके। सरकार ने उनके लिए भी राहत की घोषणा की है।
कोविड-19 ने नाइयों एवं धोबियों जैसे सेवा प्रदाताओं को भी प्रभावित किया है इसलिए करीब 60,000 धोबियों और 2,30,000 नाइयों को पांच-पांच हजार रुपए का एक बार मुआवजा मुहैया कराया जाएगा।
इसके अलावा करीब 7,75,000 ऑटो एवं टैक्सी चालकों को भी पांच-पांच हजार रुपए मुहैया कराए जाएंगे।
येदियुरप्पा ने कहा कि बंद के कारण एमएसएमई को भी भारी नुकसान हुआ है और उन्हें पटरी पर लाने में समय लगेगा।
एमएसएमई का दो महीने का तय मासिक बिजली बिल माफ कर दिया जाएगा।
बड़े उद्योगों का दो महीने का बिजली का तय मासिक बिल जुर्माना या ब्याज लगाए बिना निलंबित कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने सभी वर्गों के बिजली उपभोक्ताओं को भी कुछ राहत दिए जाने की घोषणा की।
राज्य सरकार ने बुनकरों के लिए 109 करोड़ रुपए की ऋण माफी योजना की पहले ही घोषणा कर दी है, जिसमें से 29 करोड़ रुपए 2019-20 में जारी कर दिए गए। शेष राशि तत्काल जारी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बुनकर सम्मान योजना की भी घोषणा की। इसके जरिए सरकार डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) के जरिए हथकरघा बुनकरों के खाते में सीधे दो-दो हजार रुपए डालेगी। इससे 54,000 हथकरघा बुनकरों को लाभ होगा।
राज्य में 15.80 लाख पंजीकृत निर्माण कर्मी हैं। सरकार ने डीबीटी के जरिए 11.80 लाख निर्माण कर्मियों के खाते में पहले ही दो-दो हजार रुपए भेज दिए हैं। शेष कर्मियों के खातों में भी यह राशि पहुंचाए जाने की प्रक्रिया जारी है।
इसके अलावा, सरकार ने डीबीटी के जरिए निर्माण कर्मियों को तीन-तीन हजार रुपए की अतिरिक्त राशि भेजने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उक्त मुआवजा कुल करीब 1,610 करोड़ रुपए का होगा, जिससे बंद के कारण प्रभावित हुए लोगों को लाभ मिलेगा।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 06, 2020 04:03 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

