लॉकडाउन से बिजली वितरण कंपनियों को हो सकता है 30 हजार करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान: सीआईआई
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बिजली वितरण कंपनियों के ऊपर फरवरी 2020 तक बिजली उत्पादन कंपनियों का 92,602 करोड़ रुपये बकाया है।
नयी दिल्ली, 17 अप्रैल उद्योग संगठन सीआईआई ने शुक्रवार को कहा कि लॉकडाउन के कारण बिजली वितरण कंपनियों को 30 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो सकता है और उन्हें करीब 50 हजार करोड़ रुपये के नकदी संकट का सामना करना पड़ सकता है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बिजली वितरण कंपनियों के ऊपर फरवरी 2020 तक बिजली उत्पादन कंपनियों का 92,602 करोड़ रुपये बकाया है।
सीआईआई ने शुक्रवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा, बिजली वितरण कंपनियों के लिये उत्पादन कंपनियों का बकाया चुकाने को लेकर आसान ऋण सुविधा, उद्योग व व्यवसाय से संबंधित उपभोक्ताओं के लिये बिजली की कम दरें तथा बिजली शुल्क व कोयला उपकर जैसे अप्रत्यक्ष करों की छूट जैसे उपाय किये जाने चाहिये।
देश भर में कोरोना वायरस की महामारी की रोकथाम के लिये लॉकडाउन (बंद) लागू है। पहले बंद की समयसीमा 14 अप्रैल को समाप्त हो रही थी, लेकिन अब इसे तीन मई तक के लिये बढ़ा दिया गया है।
सीआईआई ने कहा कि बिजली क्षेत्र बंद के दौरान जरूरी सेवाओं में शामिल है। इस क्षेत्र के समक्ष मांग के साथ ही नकदी की कमी का दोहरा संकट उपस्थित हो रहा है।
उसने कहा कि बंद को आगे बढ़ाने से मांग में अतिरिक्त कमी आ सकती है जिससे वितरण कंपनियों को 25 हजार से 30 हजार करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हो सकता है। इसके अलावा उनका नकदी संकट भी बढ़कर 45 से 50 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। जबकि लॉकडाउन से पहले का ही उनके ऊपर उत्पादक कंपनियों का 90 हजार करोड़ रुपये बकाया है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 17, 2020 03:57 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

