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लॉकडाउन: निर्यातकों के समक्ष सरकारी दिशानिर्देशों का पालन, राज्यों से अनुमति लेने की चुनौतियां

इसके अलावा निर्यातकों को भय है कि बंद के नियमों के उल्लंघन के नाम पर अधिकारी उन्हें परेशान भी कर सकते हैं और जुर्माना लगा सकते हैं।

लॉकडाउन: निर्यातकों के समक्ष सरकारी दिशानिर्देशों का पालन, राज्यों से अनुमति लेने की चुनौतियां
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नयी दिल्ली, 21 अप्रैल निर्यात इकाइयों को देशव्यापी लॉकडाउन (बंद) से मिली छूट के तहत राज्यों से अनिवार्य अनुमतियां मिलने में देरी और गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों को लागू करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा। इससे विनिर्माण इकाइयों को फिर से चालू करने में दिक्कत आ रही है।

इसके अलावा निर्यातकों को भय है कि बंद के नियमों के उल्लंघन के नाम पर अधिकारी उन्हें परेशान भी कर सकते हैं और जुर्माना लगा सकते हैं।

निर्यातकों के संघ फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्पोर्ट ऑर्गनाइजेशन (फियो) के अध्यक्ष शरद कुमार सर्राफ ने कहा कि मंत्रालय ने 15 अप्रैल को जो दिशानिर्देश जारी किए हैं। उन्हें लागू करना चुनौतीपूर्ण है।

उन्होंने कहा, ‘‘कारखानों को एक निश्चित संख्या में कर्मचारियों के साथ निश्चित तरीके से चलाना है। यह काम क्रमिक आधार पर होना है, ऐसे में कारखाने के मालिकों को उसी हिसाब से श्रमिकों की जरूरत होगी।’’

उन्होंने कहा कि इकाइयों को कुछ जुर्माने के प्रावधानों का भी डर है। इनके हिसाब से कोरोना वायरस से जुड़े दिशानिर्देशों को लागू करने में किसी भी तरह की लापरवाही की जिम्मेदारी कारखानों के मालिक की होगी।

इसी तरह की बात लुधियाना के निर्यातकों और हस्त उपकरण संघ के अध्यक्ष एस. सी. रलहन ने कही।

उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रावधान मालिकों को अपने कारखाने दोबारा शुरू करने की अनुमति नहीं देंगे। यहां तक कि न्यूनतम कार्यबल के साथ भी वह उत्पादन शुरू नहीं कर पाएंगे।

रलहन ने कहा कि क्षेत्र में कुछ सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग भी काम करते हैं। वह कर्मचारियों के ठहरने का उचित प्रबंध नहीं कर पाएंगे। अधिकारी दंडात्मक प्रावधानों का दुरुपयोग कर सकते हैं।

परिधान निर्यात संवर्द्धन परिषद के चेयरमैन ए. शक्तिवेल ने कहा, ‘‘ कर्नाटक, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में विनिर्माण इकाइयों को दोबारा शुरू करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इससे क्षेत्र को बहुत नुकसान पहुंच रहा है।’’

उन्होंने कहा कि वह इस मामले में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के साथ बात कर रहे हैं। परिधान क्षेत्र पहले से नकदी संकट का सामना कर रहा है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 21, 2020 08:41 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).