जरुरी जानकारी | मांग टूटने के बीच स्थानीय तेल तिलहन बाजार में भी गिरावट
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सरसों तेल में किसी अन्य तेल के मिश्रण पर रोक के बाद बाजार में बाकी खाद्य तेलों की मांग ढीली पड़ गयी जिससे विदेशों में सोयाबीन डीगम और कच्चा पामतेल (सीपीओ) में भारी गिरावट दर्ज हुई तथा इसकी वजह से स्थानीय तेल तिलहन बाजार में शनिवार को लगभग सभी तेल तिलहनों के भाव हानि दर्शाते बंद हुए।
नयी दिल्ली, 12 जून सरसों तेल में किसी अन्य तेल के मिश्रण पर रोक के बाद बाजार में बाकी खाद्य तेलों की मांग ढीली पड़ गयी जिससे विदेशों में सोयाबीन डीगम और कच्चा पामतेल (सीपीओ) में भारी गिरावट दर्ज हुई तथा इसकी वजह से स्थानीय तेल तिलहन बाजार में शनिवार को लगभग सभी तेल तिलहनों के भाव हानि दर्शाते बंद हुए।
बाजार सूत्रों का कहना है कि आठ जून से किसी भी साधारण तेल का सरसों तेल के साथ मिश्रण किए जाने पर कानूनी रोक लगा दी गई है। सरसों में मिलावट के लिए ज्यादातर सोयाबीन डीगम और चावल भूसी तेल का इस्तेमाल होता है। मिलावट पर रोक के बाद सोयाबीन डीगम और कच्चा पॉम तेल (सीपीओ) की मांग काफी कमजोर हो गई जिससे पूरे कारोबार में नरमी का रुख कायम हो गया।
इस पूरे प्रकरण में सरसों तेल के महंगा होने को लेकर जारी बहस के बीच सूत्रों ने कहा कि पहले 70-80 रुपये किलो बिकने वाले आयातित तेल सोयाबीन डीगम और चावल भूसी तेल की 135-140 रुपये लीटर बिकने वाले सरसों तेल के साथ ब्लेंडिंग (सम्मिश्रण) कर के बिक्री की जाती थी। इस पैकिंग में 20 प्रतिशत के लगभग सरसों तेल और बाकी 80 प्रतिशत के लगभग सस्ते तेल होते थे। लेकिन मिलावट पर रोक के बाद उपभोक्ताओं को शुद्ध सरसों तेल खाने को मिल रहा है। सरसों की उपलब्धता कम होने और मिलावट पर रोक से सरसों थोड़ा महंगा जरूर हुआ है पर उपभोक्ताओं को शुद्ध सरसों तेल खाने को मिल रहा है।
सूत्रों ने कहा कि सरसों की कम उपलब्धता के कारण सरसों तेल तिलहनों के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे। जबकि मांग की भारी कमी होने से सोयाबीन दिल्ली, इंदौर और सोयाबीन डीगम के भाव क्रमश: 500 रुपये, 500 रुपये और 200 रुपये की हानि के साथ बंद हुए। सोयाबीन दाना और लूज के भाव में भी 200-200 रुपये क्विन्टल की गिरावट रही।
उन्होंने कहा कि बिनौला मिल डिलीवरी का भाव 300 रुपये टूटकर 13,000 रुपये पर बंद हुआ। मूंगफली दाना, मूंगफली तेल गुजरात और मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड की कीमतों में क्रमश: 100 रुपये, 250 रुपये और 40 रुपये की गिरावट देखी गई। सीपीओ, पामोलीन दिल्ली और पामोलीन कांडला तेल की कीमत में क्रमश: 200 रुपये, 500 रुपये और 300 रुपये क्विन्टल की गिरावट रही।
बाकी अन्य तेल तिलहनों के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।
बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)
सरसों तिलहन - 7,100 - 7,150 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।
मूंगफली दाना - 5,670 - 5,815 रुपये।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 14,000 रुपये।
मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,145 - 2,275 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 14,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,255 -2,305 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,355 - 2,455 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 15,000 - 17,500 रुपये।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 14,000 रुपये।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,750 रुपये।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 12,600 रुपये।
सीपीओ एक्स-कांडला- 10,800 रुपये।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,000 रुपये।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 12,300 रुपये।
पामोलिन एक्स- कांडला- 11,300 (बिना जीएसटी के)
सोयाबीन दाना 7,200 - 7,250, सोयाबीन लूज 7,150 - 7,200 रुपये
मक्का खल 3,800 रुपये
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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 12, 2021 04:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

