जरुरी जानकारी | कमजोर वैश्विक संकेतों से स्थानीय बाजार गिरा, वित्त वर्ष में सेंसेक्स पांच प्रतिशत चढ़ा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारतीय आयात पर अमेरिका में दो अप्रैल से जवाबी सीमा शुल्क लगाने से जुड़ी अनिश्चितताओं के बीच वित्त वर्ष 2024-25 के अंतिम कारोबारी दिवस पर शुक्रवार को स्थानीय बाजारों में गिरावट हावी रही। सेंसेक्स में 191 अंकों की गिरावट आई जबकि निफ्टी करीब 73 अंक फिसला।
मुंबई, 28 मार्च भारतीय आयात पर अमेरिका में दो अप्रैल से जवाबी सीमा शुल्क लगाने से जुड़ी अनिश्चितताओं के बीच वित्त वर्ष 2024-25 के अंतिम कारोबारी दिवस पर शुक्रवार को स्थानीय बाजारों में गिरावट हावी रही। सेंसेक्स में 191 अंकों की गिरावट आई जबकि निफ्टी करीब 73 अंक फिसला।
बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित सूचकांक सेंसेक्स उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सत्र में 191.51 अंक यानी 0.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,414.92 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 420.81 अंक गिरकर 77,185.62 पर आ गया।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का मानक सूचकांक निफ्टी 72.60 अंक यानी 0.31 प्रतिशत गिरकर 23,519.35 पर आ गया।
इसके साथ ही वित्त वर्ष 2024-25 का आखिरी कारोबारी दिन गिरावट के साथ बंद हुआ। उतार-चढ़ाव से भरे इस वित्त वर्ष में सेंसेक्स कुल 3,763.57 अंक या 5.10 प्रतिशत उछला जबकि निफ्टी 1,192.45 अंक यानी 5.34 प्रतिशत चढ़ा।
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से इंडसइंड बैंक के शेयरों में 3.50 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर दो प्रतिशत से अधिक गिर गया।
इसके अलावा एचसीएल टेक, मारुति, इन्फोसिस, जोमैटो, पावर ग्रिड, अदाणी पोर्ट्स, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर भी नुकसान में रहे।
दूसरी तरफ कोटक महिंद्रा बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा मोटर्स, नेस्ले और भारती एयरटेल के शेयरों में तेजी का रुख देखने को मिला।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग भारी गिरावट के साथ बंद हुए।
यूरोप के बाजार नकारात्मक क्षेत्र में कारोबार कर रहे थे। बृहस्पतिवार को अमेरिकी बाजारों में गिरावट दर्ज की गई थी।
जियोजित इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "एशियाई बाजारों में मजबूती का एक नया दौर देखने को मिल रहा है। नवीनतम अमेरिकी शुल्क कदमों से प्रमुख विनिर्माण अर्थव्यवस्थाओं पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की आशंका है।"
नायर ने कहा कि घरेलू स्तर पर बाजार में तेजी की रफ्तार थम गई है क्योंकि निवेशक वाहन, दवा और अन्य क्षेत्रों पर इन शुल्क कदमों के प्रभावों का आकलन कर रहे हैं।"
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को 11,111.25 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.18 प्रतिशत बढ़कर 74.16 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
बीएसई सेंसेक्स बृहस्पतिवार को 317.93 अंक चढ़कर 77,606.43 और एनएसई निफ्टी 105.10 अंक बढ़कर 23,591.95 पर पहुंच गया था।
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(The above story first appeared on LatestLY on Mar 28, 2025 05:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

