देश की खबरें | बिहार चुनाव में एक सीट जीतने वाली लोजपा ने दो दर्जन सीटों पर जदयू, वीआईपी को नुकसान पहुंचाया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के साथ मिलकर बिहार में विधानसभा चुनाव लड़ने के मैदान में अकेले उतरी लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) को करारी हार मिली है और उसे सिर्फ एक सीट से ही संतोष करना पड़ा है, लेकिन उसने करीब दो दर्जन सीटों पर जदयू, वीआईपी पार्टी को नुकसान पहुंचाया ।
पटना, 11 नवंबर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के साथ मिलकर बिहार में विधानसभा चुनाव लड़ने के मैदान में अकेले उतरी लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) को करारी हार मिली है और उसे सिर्फ एक सीट से ही संतोष करना पड़ा है, लेकिन उसने करीब दो दर्जन सीटों पर जदयू, वीआईपी पार्टी को नुकसान पहुंचाया ।
चिराग पासवान की पार्टी ने 135 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किये थे लेकिन सिर्फ बेगूसराय की मटिहानी सीट से राजकुमार सिंह चुनाव जीतने में सफल रहे जहां उन्होंने जदयू के बाहुबली उम्मीदवार बोगो सिंह को हराया।
बहरहाल, पार्टी की हार के बाद लोजपा प्रमुख चिराग पासवान ने कहा, ‘‘ हमें 25 लाख लोगों के वोट मिले हैं, इस तरह बिहार के लोगों ने हमें अपना प्यार दिया है और बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ को समर्थन दिया । चुनाव में अकेले लड़ते हुए हमने 6 फीसदी वोट हासिल किए। हमें 'पिछलग्गू पार्टी' कहा जाता था जो केवल दूसरे के समर्थन से कुछ कर सकती है, लेकिन हमने साहस दिखाया।’’
उन्होंने कहा कि हम राज्य में नीतीश कुमार को समर्थन नहीं देंगे, लेकिन केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समर्थन जारी रहेगा।
बिहार विधानसभा चुनाव के मतगणना के आंकड़ों के अनुसार, लोजपा मटिहानी सीट जीती है, जहां उसने जदयू को ही हराया है। वहीं एकमा सीट से जदयू की सीता देवी राजद के श्रीकांत यादव से करीब 14 हजार वोट से हारीं। यहां पर लोजपा उम्मीदवार कामेश्वर सिंह मुन्ना को करीब 30 हजार वोट मिले। दिनारा से लोजपा उम्मीदवार राजेंद्र सिंह दूसरे स्थान पर रहे और राजद को जीत मिली और जदयू उम्मीदवार तीसरे नंबर पर चला गया।
रघुनाथपुर सीट पर लोजपा और जदयू के मतों की कुल संख्या राजद से नौ हजार अधिक हो जाती है, लेकिन यह सीट राजद के खाते में गई है। वहीं, इस्लामपुर से जदयू प्रत्याशी करीब साढ़े तीन हजार वोटों से हारा और वहां लोजपा उम्मीदवार को साढ़े आठ हजार से अधिक मत मिले हैं। अलौली सीट से जदयू को 2773 वोट से राजद से मात मिली और वहां लोजपा को 26 हजार वोट मिले हैं।
महाराजगंज सीट पर कांग्रेस ने जदयू को 1976 वोट से हराया जबकि यहां लोजपा को 18 हजार से अधिक वोट मिले। राजापाकड़ सीट से जदयू की 1500 वोटों से हार हुई और यहां लोजपा को 24 हजार वोट मिले।
इसी प्रकार खगड़िया, ओबरा, गायघाट, महनार, चेनारी, जमालपुर, जगदीशपुर, महुआ, दरभंगा ग्रामीण, साहेबपुर कमाल सीटों पर लोजपा को मिले वोट से कम वोट से जदयू की हार हुई है।
सिमरी बख्तियारपुर सीट से विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) प्रमुख मुकेश सहनी करीब डेढ हजार वोटों से हारे हैं और यहां लोजपा उम्मीदवार को करीब सात हजार मत मिले हैं। सुगौली में लोजपा को 24 हजार वोट मिले और यहां वीआईपी की 3447 वोटों से हार हुई।
लोजपा के कारण चुनाव में जदयू को नुकसान पहुंचने के बारे में एक सवाल के जवाब में चिराग पासवान ने कहा कि आंकड़े बताते हैं कि कितनी ही ऐसी सीटें हैं जिस पर लोजपा के कारण जदयू को नुकसान हुआ है । हमने शुरू से ही कहा है कि भाजपा को लाभ पहुंचाना और जदयू को नुकसान पहुंचाना हमारा उद्देश्य है और यह बात किसी से छिपी नहीं थी ।
चिराग ने कहा कि इसके साथ ही हम चाहते थे कि लोजपा का प्रदर्शन बेहतर रहे और सीटों के हिसाब से हम ऐसा नहीं कर पाये । लेकिन इस चुनाव में पार्टी का आधार मजबूत हुआ है और हम 2025 में मजबूती के साथ उतरेंगे ।
लोजपा नेता ने कहा कि जो परिणाम आए हैं उससे यह साफ़ है कि भाजपा के प्रति लोगों में उत्साह है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की जीत है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 11, 2020 04:07 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

