देश की खबरें | शराब घोटाला चंद्रबाबू नायडू सरकार की गढ़ी हुई कहानी है: जगन मोहन रेड्डी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. वाईएसआरसीपी के प्रमुख और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने बृहस्पतिवार को अपने शासनकाल के दौरान के कथित 3,200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले को एक ‘ढोंग’ करार देते हुए आरोप लगाया कि इसे तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने ‘रचा’ है।

अमरावती, 22 मई वाईएसआरसीपी के प्रमुख और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने बृहस्पतिवार को अपने शासनकाल के दौरान के कथित 3,200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले को एक ‘ढोंग’ करार देते हुए आरोप लगाया कि इसे तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने ‘रचा’ है।

विपक्षी नेता ने कहा कि शराब घोटाले का यह मामला एक अन्य शराब मामले को निष्प्रभावी और कमजोर करने के लिए थोपा गया है, जिसमें मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ‘फिलहाल जमानत पर हैं।’

ताडेपल्ली में अपने आवास पर प्रेसवार्ता में रेड्डी ने कहा, ‘‘शराब घोटाला एक ढोंग है जिसमें केवल उस शराब मामले को निष्प्रभावी और कमजोर करने के लिए आरोप गढ़े गए हैं जिसमें चंद्रबाबू नायडू ने अनियमितताएं की थीं और फिलहाल वह जमानत पर हैं।’’

इस बीच, सत्तारूढ़ तेदेपा ने वाईएसआरसीपी के प्रमुख के बयान पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

रेड्डी ने कहा कि नायडू ने कथित तौर पर वही आरोप लगाए हैं, जिनका सामना वे शराब मामले में कर रहे हैं तथा वह धनंजय रेड्डी, कृष्ण मोहन रेड्डी तथा अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कंपनियों के समूह के निदेशक बालाजी गोविंदप्पा जैसे लोगों को गिरफ्तार करके अपने मामले को निष्प्रभावी बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इसका निवेशकों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

रेड्डी ने कहा कि नायडू ने अधिकतर ऑर्डर ‘अपनी पसंदीदा पांच डिस्टिलरी’ को दे दिए हैं तथा ऑर्डर देने एवं बिक्री में सिंडिकेट प्रणाली को बढ़ावा दिया है, जबकि हमारे कार्यकाल के दौरान शराब का व्यापार पारदर्शी था।

उन्होंने दावा किया कि 2014-19 के तेदेपा शासनकाल की तुलना में 2019-24 (वाईएसआरसीपी शासनकाल) के दौरान शराब की बिक्री में गिरावट आई । उन्होंने सवाल किया कि जिन शराब कंपनियों ने वाईएसआरसीपी सरकार के दौरान बड़ा मुनाफा नहीं कमाया, वे रिश्वत कैसे दे सकती हैं।

रेड्डी ने कहा कि नायडू और उनके मित्र मीडिया ने हमारे कार्यकाल के दौरान राज्य की वित्तीय स्थिति पर 'झूठ' फैलाया। उन्होंने कहा कि कैग और अन्य की रिपोर्टें स्पष्ट रूप से ‘सच्चाई’ बयां करती हैं कि ‘हमने अपने कार्यकाल के दौरान वित्तीय स्थिति को बेहतर ढंग से प्रबंधित किया तथा क्रय शक्ति और विकास दर बेहतर रही।’

वाईएसआरसीपी प्रमुख ने एन. चंद्रबाबू नायडू सरकार पर ग्रीनफील्ड राजधानी अमरावती पर अत्यधिक धनराशि खर्च करने और इसे ‘दुधारु गाय’ में बदलने का आरोप लगाया।

रेड्डी ने आरोप लगाया कि नायडू अमरावती में निर्माण के लिए लगभग 9,000 रुपये प्रति वर्ग फुट खर्च कर रहे हैं। उन्होंने सरकार पर चुटकी लेते हुए पूछा कि क्या आगामी राजधानी में इमारतों के निर्माण के लिए सोने और चांदी का इस्तेमाल किया जा रहा है।

रेड्डी ने कहा कि लेकिन अन्य सरकारी भवनों के लिए नायडू बमुश्किल 2,500 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर की पेशकश कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि नायडू निहित स्वार्थ के लिए अमरावती को ‘दुधारु गाय’ के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अमरावती में मौजूदा ‘अस्थायी’ विधानसभा और सचिवालय में छह लाख वर्ग फुट जगह उपलब्ध है, लेकिन नायडू 53.57 लाख वर्ग फुट जगह में नयी विधानसभा, सचिवालय और अन्य इमारतें बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

रेड्डी ने 53.57 लाख वर्ग फुट जगह की आवश्यकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि चूंकि सचिवालय में काम करने वाले 12,000 कर्मचारियों की संख्या में भारी वृद्धि तो होगी नहीं ऐसे में छह लाख वर्ग फुट ही उनकी जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है।

रेड्डी ने दावा किया कि नायडू भारी उधार ले रहे हैं और अपने ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए लागत और बढ़ी हुई निविदाओं के साथ सारा पैसा अमरावती में डाल रहे हैं।

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