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हरियाणा के गोदाम से शराब गायब मामला: अनिल विज ने कहा, गहराई से जांच की जरूरत

विज ने कहा, ‘‘यह साधारण चोरी का मामला नहीं है। कब से यह सब हो रहा था ,यह काम किसकी शह पर हो रहा था, कहां से शराब आ रही थी, आबकारी कर की कितनी चोरी हुई क्योंकि दूसरे राज्यों में यहां की शराब मिली है, कौन से अधिकारी शामिल थे, इन सभी का पता लगाने के लिए गहराई से जांच की जरूरत है।’’

हरियाणा के गोदाम से शराब गायब मामला: अनिल विज ने कहा, गहराई से जांच की जरूरत
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चंडीगढ़, 10 मई हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने रविवार को कहा कि सोनीपत के गोदाम से बड़ी संख्या में शराब का गायब होना आम चोरी नहीं है और इसमें शामिल लोगों को बेनकाब करने के लिए मामले की गहराई से जांच करने की जरूरत है।

विज ने कहा, ‘‘यह साधारण चोरी का मामला नहीं है। कब से यह सब हो रहा था ,यह काम किसकी शह पर हो रहा था, कहां से शराब आ रही थी, आबकारी कर की कितनी चोरी हुई क्योंकि दूसरे राज्यों में यहां की शराब मिली है, कौन से अधिकारी शामिल थे, इन सभी का पता लगाने के लिए गहराई से जांच की जरूरत है।’’

मंत्री ने कहा कि इसी लिए मैंने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी को विशेष जांच दल (एसआईटी)का नेतृत्व करने की अनुशंसा की है।

उन्होंने कहा कि हमने पहले ही मुख्यमंत्री से मामले की सभी कोणों से जांच करने के लिए एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय एसआईटी गठित करने की सिफारिश कर दी है।

विज ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक खेमका, संजीव कौशल और टीसी गुप्ता का नाम एसआईटी अध्यक्ष के लिए भेजा है और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से इनमें से किसी एक को चुनने या स्वयं कोई नाम सुझाने का अनुरोध किया है।

गृह मंत्री ने कहा कि एसआईटी के अन्य सदस्य भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी सुभाष यादव और अतिरिक्त आबकारी आयुक्त विजय सिंह होंगे।

विज ने इससे पहले कहा था कि सोनीपत के दो गोदामों - एक पुलिस की निगरानी में था जबकि दूसरा आबकारी विभाग के अधीन था- से बड़ी मात्रा में शराब गायब हुई है जो अधिकारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है।

उल्लेखनीय है कि हरियाणा पुलिस ने सोनीपत के दो गोदाम से शराब गायब करने के मुख्य आरोपी के घर मारे गए छापे में 97 लाख रुपये नकद, दो पिस्तौल और तीन मोबाइल फोन के साथ एक एसयूवी वाहन जब्त किया था। आरोपी भूपिंदर सिंह ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया ।

इस बीच, विज ने उस बयान पर सफाई दी जिसमें उन्होंने कहा था कि उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने इस मामले को लेकर उनसे बात नहीं की है और वह नहीं जानते कि जननायक जनता पार्टी (जजपा) नेता ने मीडिया में क्या कहा है।

गृह मंत्री ने कहा, ‘‘ जब मैंने यह कहा तो कुछ लोगों ने यह अर्थ निकालने की कोशिश की कि भाजपा-जजपा में किसी तरह की खींचतान चल रही है। ऐसा कुछ नहीं है। जब मैंने कहा कि आबकारी विभाग ने मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई है तो इसका मतलब यह नही कि भाजपा-जजपा में बीच मतभेद है।’’

हालांकि, मुख्य विपक्षी कांग्रेस ने रविवार को इस मामले का संदर्भ देते हुए आरोप लगाया कि खट्टर सरकार के मंत्रियों में समन्वय नहीं है। पार्टी ने कहा, ‘‘यह दिखाता है कि हरियाणा में प्रशासनिक और नीति के स्तर पर जड़ता है।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, ‘‘दुष्यंत चौटाला ने कहा कि उन्होंने गृहमंत्री को मामले की जांच के लिए कहा है, विज कह रहे हैं कि दुष्यंत ने उनसे बात नहीं की है। विज मुख्यमंत्री से एसआईटी के लिए आईएएस अधिकारी का नाम चुनने के लिए कहते हैं लेकिन यह अनुरोध चार दिन से लंबित है।’’

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(The above story first appeared on LatestLY on May 10, 2020 11:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).