विदेश की खबरें | अमेरिका की तरह पाकिस्तान भी आगजनी करने वालों को कानूनी रूप से दंडित करेगा : प्रधानमंत्री शरीफ

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार गत नौ मई की अभूतपूर्व हिंसक घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों को कानूनी रूप से उसी तरह से दंडित करेगी, जिस तरह अमेरिका ने ‘कैपिटल हिल’ (संसद परिसर) के दंगाइयों के खिलाफ कार्रवाई की।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

कराची, 26 मई पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार गत नौ मई की अभूतपूर्व हिंसक घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों को कानूनी रूप से उसी तरह से दंडित करेगी, जिस तरह अमेरिका ने ‘कैपिटल हिल’ (संसद परिसर) के दंगाइयों के खिलाफ कार्रवाई की।

अमेरिका में कैपिटल हिल परिसर में छह जनवरी 2021 को हिंसा हुई थी। पाक प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के पास आगजनी करने वालों को कानूनी रूप से दंडित करने का हर अधिकार है।

कराची में एक जलापूर्ति परियोजना के शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए शरीफ ने कहा कि नौ मई को देश के शहीदों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों की बेअदबी के रूप में अराजकता की राजनीति का चरम देखने को मिला।

उन्होंने कहा, ‘‘आज कायद शहर में हम सब नौ मई को लाहौर में जो कुछ हुआ, उसे लेकर शर्मिंदा हैं। अमेरिका में छह जनवरी 2021 को कैपिटल हिल परिसर के दंगाइयों की तरह इन अपराधियों को भी दंडित करने की जरूरत है। यदि वह सजा कानूनी थी, तो अपने शहीदों के अपमान के लिए पाकिस्तानी कानून के तहत ऐसा करने पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।’’

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख इमरान खान को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के परिसर से गिरफ्तार किए जाने के बाद नौ मई को पूरे देश में हिंसक विरोध-प्रदर्शन हुए थे।

सरकार ने बाद में पीटीआई नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू की थी और नागरिक एवं सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला करने के आरोप में हजारों लोगों को हिरासत में लिया था।

गौरतलब है कि इमरान की गिरफ्तारी के जवाब में उनके समर्थकों ने लाहौर कोर कमांडर हाउस, मियांवाली स्थित वायुसेना अड्डा और फैसलाबाद में आईएसआई भवन सहित एक दर्जन सैन्य प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की थी।

पहली बार भीड़ ने रावलपिंडी स्थित सैन्य मुख्यालय में तोड़फोड़ की थी। पुलिस के अनुसार, इस हिंसा के दौरान 10 लोगों की मौत हुई थी, लेकिन इमरान की पार्टी ने दावा किया है कि सुरक्षाकर्मियों की गोली लगने से उसके 40 कार्यकर्ताओं की मौत हुई।

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