देश की खबरें | वाम दलों ने सीपीसी को स्थापना दिवस की बधाई दी, उसके शासन को सराहा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. देश के प्रमुख वाम दलों ने ‘चीन की कम्युनिस्ट पार्टी’ (सीपीसी) के 100वें स्थापना दिवस पर बृहस्पतिवार को उसे बधाई दी और कहा कि चीन जिस तरह से कोरोना वायरस महामारी से निपटा और अर्थव्यवस्था को प्रगति के पथ पर बनाए रखा, वो दुनिया के लिए एक सबक है।
नयी दिल्ली, एक जुलाई देश के प्रमुख वाम दलों ने ‘चीन की कम्युनिस्ट पार्टी’ (सीपीसी) के 100वें स्थापना दिवस पर बृहस्पतिवार को उसे बधाई दी और कहा कि चीन जिस तरह से कोरोना वायरस महामारी से निपटा और अर्थव्यवस्था को प्रगति के पथ पर बनाए रखा, वो दुनिया के लिए एक सबक है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी ने सीपीसी के प्रमुख शी चिनफिंग को लिखे पत्र में कहा कि पिछली सदी का इतिहास इस बात का गवाह है कि किस तरह से चीन ने अपनी नीतियों को विकसित किया और अक्सर अपनी गलतियों की पहचान करते हुए इसे दुरुस्त किया।
उन्होंने लेनिन के एक कथन का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘माकपा लगातार इसे रेखांकित करती है कि मार्क्सवाद-लेनिनवाद एक रचनात्मक विज्ञान है। यह सर्वोच्च रूप से हठधर्मिता विरोधी है। इसे किसी तय दायरे में नहीं बांधा जा सकता।’’
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक लंबे इतिहास में सीपीसी ने गलतियां की हैं, लेकिन उसने इन्हें सही किया और दोबारा होने की आशंका को भी खत्म किया।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के महासचिव डी राजा ने चिनफिंग को लिखे एक अलग पत्र में चीन के बड़ी आर्थिक ताकत बनने का उल्लेख किया और इसमें योगदान के लिए चीनी राष्ट्रपति की सराहना की। उन्होंने कोरोना वायरस महामारी से निपटने को लेकर चीन की तारीफ की, लेकिन भारत-चीन संबंधों में तनाव का भी उल्लेख किया।
राजा ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के बीच के मुद्दों को बातचीत के जरिए हल किया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि माओ त्से तुंग ने एक जुलाई 1921 को सीपीसी की स्थापना की थी और बृहस्पतिवार को इसके अस्तित्व में आए 100 वर्ष पूरे हो गए। 1949 में ‘पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना’ (पीआरसी) के गठन के बाद से ही यह सत्ता में है।
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