देश की खबरें | विजयन की बेटी के मार्गदर्शक को लेकर एलडीएफ विधायकों के हमले ‘उनके स्वामी की आवाज’: कांग्रेस विधायक
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस विधायक मैथ्यू कुझलनादन ने सोमवार को कहा कि एलडीएफ विधायकों द्वारा उन पर किये गए जुबानी हमले उनके ‘स्वामी की आवाज’ हैं। विधानसभा में कुझलनादन ने दावा किया था कि सोने की तस्करी के मामले में एक आरोपी से कथित रूप से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय कंसल्टेंसी कंपनी का एक निदेशक मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी का मार्गदर्शक था।
तिरुवनंतपुरम, चार जुलाई कांग्रेस विधायक मैथ्यू कुझलनादन ने सोमवार को कहा कि एलडीएफ विधायकों द्वारा उन पर किये गए जुबानी हमले उनके ‘स्वामी की आवाज’ हैं। विधानसभा में कुझलनादन ने दावा किया था कि सोने की तस्करी के मामले में एक आरोपी से कथित रूप से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय कंसल्टेंसी कंपनी का एक निदेशक मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी का मार्गदर्शक था।
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने पिछले सप्ताह राज्य विधानसभा में चर्चा के दौरान अपनी बेटी और उनकी कंपनी का उल्लेख किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की थी, जिसके बाद कुझलनादन के खिलाफ जुबानी हमले किये गये।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के वायनाड कार्यालय में तोड़फोड़ को लेकर विपक्ष द्वारा पेश किए गए स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा चल रही थी। इस मुद्दे पर पिछले दिन- 27 जून- का सत्र बाधित हुआ था।
चर्चा के दौरान कुझलनादन ने दावा किया था कि सोने की तस्करी के मामले में एक आरोपी से कथित रूप से जुड़ी एक अंतरराष्ट्रीय कंसल्टेंसी फर्म का एक निदेशक मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी का मार्गदर्शक था।
जैसे ही चर्चा समाप्त हुई, मुख्यमंत्री ने अपनी बेटी और उसकी कंपनी के उल्लेख पर नाराजगी व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने कुझलनादन पर हमला करते हुए दावा किया कि वह ‘झूठ’ बोल रहे हैं। इसके बाद एलडीएफ के अन्य विधायकों ने भी उनकी आलोचना की थी।
अगले दिन कांग्रेस विधायक ने तर्क दिया कि उन्होंने जो कहा था, वह एक वेब आर्काइव पोर्टल से प्राप्त जानकारी पर आधारित था। कुझलनादन ने सोमवार को फिर यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि 28 जून को उनके बयान के बाद एलडीएफ के कई विधायकों ने भी अपनी बात रखी थी, लेकिन उनमें से किसी ने भी मुख्यमंत्री की बेटी और उनकी कंपनी के बारे में उनके बयान पर आपत्ति नहीं जताई।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपनी नाराजगी व्यक्त की, लेकिन सत्तारूढ़ मोर्चे के विधायकों ने उन पर मौखिक हमले किये। उन्होंने कहा कि यह संकेत देता है कि यह ‘उनके स्वामी की आवाज’ है, न कि उनके अपने विचार हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)