देश की खबरें | एलडीएफ सरकार ने केरल पुलिस कानून में विवादित संशोधन पर रोक लगाई
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तिरुवनंतपुरम, 23 नवंबर केरल की माकपा नीत वाम लोकतांत्रिक मोर्चा सरकार ने देशभर में आलोचना के बाद राज्य पुलिस अधिनियम में विवादित संशोधन पर सोमवार को रोक लगाने का फैसला किया। इस संशोधन से देश में सियासी तूफान मच गया और लोगों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मीडिया पर हमला बताया।
दिल्ली में माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने ऐलान किया था कि पुलिस कानून में संशोधन पर पुनर्विचार किया जाएगा। इसके कुछ देर बाद ही मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि उनकी सरकार का इरादा अभी इस संशोधित कानून को लागू नहीं करने का है।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में विधानसभा में विस्तृत विचार-विमर्श होगा और विभिन्न तबकों की राय सुनने के बाद आगे का कदम उठाया जाएगा।
इससे पहले कांग्रेस ने इस संशोधन के खिलाफ प्रदर्शन किया था और भाजपा ने इसे कानूनी तौर पर चुनौती देने की धमकी दी थी।
सरकार का कहना है कि साइबर दबंगई पर रोक लगाने के लिए वह इस संशोधन को लेकर आई जबकि विपक्षी पार्टियों यहां तक कि वाम दलों के प्रति हमदर्दी रखने वालों ने भी इसकी आलोचना की और कहा कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मीडिया के खिलाफ है।
विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्नीतला ने विजयन के उस बयान को "झांसा" बताया जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार की मंशा इसे लागू करने की नहीं है। चेन्नीतला ने जल्द से जल्द इस संशोधन को रद्द करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि अध्यादेश तब कानून बन जाता है जब राज्यपाल उसपर हस्ताक्षर कर देते हैं और मुख्यमंत्री समेत कोई भी यह नहीं कह सकता है कि वह कानून के प्रभावी होने के बाद उसे लागू नहीं करेंगे।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पुलिस अब भी इस संशोधित कानून के तहत मामला दर्ज कर सकती है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने पीटीआई- से कहा कि राज्य मंत्रिमंडल अध्यादेश को वापस लेने के लिए राज्यापल को सिफारिश करेगा या फिर गृह मंत्रालय पुलिस को निर्देश जारी करेगा कि इसके तहत कोई कार्रवाई नहीं की जाए।
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