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देश की खबरें | एलडीएफ और यूडीएफ के नेतृत्व वाली सरकारों ने ‘तुष्टीकरण की राजनीति’ की : शाह

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नीत वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और विपक्षी कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ), दोनों पर ही निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि दोनों मोर्चों की सरकारों ने केवल भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया, तुष्टीकरण की राजनीति की और केरल को ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (पीएफआई) जैसी ‘राष्ट्र-विरोधी ताकतों’ के लिए पनाहगाह बना दिया।

देश की खबरें | एलडीएफ और यूडीएफ के नेतृत्व वाली सरकारों ने ‘तुष्टीकरण की राजनीति’ की : शाह

तिरुवनंतपुरम, 12 जुलाई केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नीत वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और विपक्षी कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ), दोनों पर ही निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि दोनों मोर्चों की सरकारों ने केवल भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया, तुष्टीकरण की राजनीति की और केरल को ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (पीएफआई) जैसी ‘राष्ट्र-विरोधी ताकतों’ के लिए पनाहगाह बना दिया।

शाह ने यहां पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि केवल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ही राज्य में विकास ला सकता है, न कि एलडीएफ या यूडीएफ।

उन्होंने कहा कि दक्षिणी राज्यों के विकास के बिना ‘विकसित भारत’ संभव नहीं है और ‘विकसित भारत’ का मार्ग केवल ‘विकसित केरलम’ से होकर जाता है।

शाह ने रेखांकित किया, “इसलिए, अब से भाजपा का मूल उद्देश्य ‘विकसित केरलम’ होगा।” उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भाजपा के बिना केरल में विकास नहीं हो सकता।

केंद्रीय मंत्री ने अपने दावे के समर्थन में कहा कि मोदी सरकार ने राज्य को हजारों करोड़ रुपये की विड़िण्गम बंदरगाह जैसी परियोजनाएं समर्पित की हैं, दो वंदे भारत ट्रेनों के जरिए 11 जिलों को जोड़ा है और केरल के लिए रेलवे बजट को वर्ष 2004 के 372 करोड़ रुपये से बढ़ाकर वर्तमान में 3,700 करोड़ रुपये कर दिया है।

उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार ने पिछली कांग्रेस सरकारों की तुलना में केरल पर कई गुना ज्यादा पैसा खर्च किया है।

शाह ने कहा कि वह पार्टी के प्रदेश कार्यालय के जरिए इसके विस्तृत आंकड़े जारी करेंगे।

केंद्रीय गृह मंत्री ने शनिवार को कहा कि भाजपा के लिए केरल में मुख्यमंत्री होने से ज्यादा जरूरी यह सुनिश्चित करना है कि राज्य में पार्टी कार्यालय ‘विकसित केरलम’ का केंद्र बने।

शाह ने पार्टी के ‘विकसित केरलम’ मिशन का ‘लोगो’ भी जारी किया।

उन्होंने माकपा नीत एलडीएफ और कांग्रेस नीत यूडीएफ पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि दोनों गठबंधन की सरकारों ने केवल भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया, तुष्टीकरण की राजनीति की और केरल को पीएफआई जैसी ‘राष्ट्र-विरोधी ताकतों’ के लिए एक सुरक्षित पनाहगाह बना दिया।

केंद्र सरकार ने 2022 में पीएफआई और उसके सहयोगियों को गैरकानूनी घोषित कर दिया।

शाह ने कहा कि केरल सरकार के पास पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने के सभी अधिकार हैं।

उन्होंने सवाल किया कि केरल सरकार ने ऐसा क्यों नहीं किया।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, “जब यह संगठन देश के विभिन्न हिस्सों में फैल गया, तब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ही इस पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया और यह सुनिश्चित किया कि इसके शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी हो।”

शाह ने यहां पुथरीकंदम मैदान में आयोजित वार्ड स्तरीय नेतृत्व बैठक में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की एक विशाल सभा को संबोधित करते हुए यह बात कही।

उन्होंने कहा, “माकपा और कांग्रेस, भाजपा को उत्तर भारतीय पार्टी करार देती हैं लेकिन हमने असम और त्रिपुरा जैसे कई राज्यों में सरकारें बनाईं, जो विपक्षी दलों के गढ़ थे और इसी तरह उनकी पार्टी तमिलनाडु में भी सत्ता में आएगी।”

शाह ने कहा कि केरल में भाजपा के नेतृत्व वाले राजग का मत प्रतिशत 2014 से बढ़ा है और गठबंधन राज्य में 2026 का विधानसभा चुनाव सरकार बनाने के इरादे से लड़ेगा।

उन्होंने बैठक में उपस्थित पार्टी कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे यह सुनिश्चित करें कि केरल में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाले राजग को 25 प्रतिशत से अधिक वोट मिलें।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “अगर आप सच में बदलाव चाहते हैं, तो भाजपा के नेतृत्व वाले राजग को वोट दें। केवल वही ‘विकसित केरलम’ का निर्माण कर सकता है।”

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से राजग को मजबूत करने और ‘विकसित केरलम’ को साकार करने के लिए अपना समय देने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि भाजपा और माकपा दोनों ही कैडर-आधारित पार्टियां हैं, लेकिन उनके बीच एक बड़ा अंतर यह है कि उनकी पार्टी राज्य के विकास के लिए काम करती है, न कि अपने कैडर के लिए।

शाह ने दावा किया, “जबकि माकपा के लिए राज्य के विकास से पहले कैडर का विकास सर्वोपरि है।”

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एलडीएफ सरकार के दौरान सहकारी बैंक घोटाला, एआई कैमरा घोटाला, लाइफ मिशन घोटाला, के-एफओएन घोटाला, पीपीई-किट योजना जैसे कई वित्तीय घोटाले हुए।

उन्होंने आरोप लगाया कि इतना ही नहीं विजयन (मुख्यमंत्री पिनराई) को परेशान करने वाला राज्य प्रायोजित सोने की तस्करी का घोटाला भी हुआ, जो भारत का सबसे बड़ा घोटाला है।

शाह ने कहा कि यूडीएफ भी कम नहीं है क्योंकि उसके शासन के दौरान भी सौर और पलारीवट्टम जैसे कई घोटाले हुए लेकिन मोदी सरकार के 11 साल के शासन में ऐसा कोई वित्तीय घोटाला नहीं हुआ।

शाह ने इस वर्ष होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों और अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी के अभियान की शुरुआत करने से पहले यहां भाजपा की प्रदेश कमेटी के नए कार्यालय ‘मरारजी भवन’ का उद्घाटन किया।

केंद्रीय गृह मंत्री शुक्रवार देर रात केरल पहुंचे और भाजपा की प्रदेश इकाई के पूर्व अध्यक्ष दिवंगत केजी मरार की आवक्ष कांस्य प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।

केजी मरार की आवक्ष प्रतिमा को नए भवन के केंद्रीय कक्ष में स्थापित किया गया है।

नए भवन का दौरा करते समय शाह के साथ भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर और केरल इकाई के अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 12, 2025 07:14 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).