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देश की खबरें | कानूनों को देश के किसानों के हित में वापस लिया जाना चाहिए : पायलट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने रविवार को कृषि कानूनों को लेकर केन्द्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार द्वारा अंहकार में बनाए कानूनो को देश के किसानों के हित में वापस लेना चाहिए।

देश की खबरें | कानूनों को देश के किसानों के हित में वापस लिया जाना चाहिए : पायलट
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

जयपुर, 10 जनवरी राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने रविवार को कृषि कानूनों को लेकर केन्द्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार द्वारा अंहकार में बनाए कानूनो को देश के किसानों के हित में वापस लेना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘देशभर में किसान आंदोलित है और इस कडाके ठंड में पिछले डेढ महीने से अधिक समय से अनगिनत किसान धरना दे रहे है ओर गांधीवादी तरीके से अपनी मांग को मनवाने की कोशिश कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार के साथ नौ दौर की वार्ता हो चुकी है लेकिन बेनतीजा रही। सरकार की मंशा नतीजा निकालने की नहीं है। वो सिर्फ किसानों को थकाना चाहती है।’’ उन्होंने कहा कि यह केन्द्र सरकार की एक तरफा कार्यवाही है जिसका किसान विरोध कर रहे हैं।

टोंक में किसानों को संबोधित करते हुए पायलट ने कहा, ‘‘आज हमारी कोशिश है कि देश में 24 राजनीतिक पार्टियां एकत्र होकर उन किसानों का समर्थन करें... यह राजनीतिक मांग नहीं है, किसानों के भविष्य और उनके हित को देखते हुए पूरे देश ने यरकार से तीनों कानून वापस लेने की मांग करने का संकल्प लिया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इन कानूनों में समर्थन मूल्य का जिक्र नहीं है। किसानों को अपनी जमीन पर एक तरह से मजदूर बनाने की मंशा सरकार की है और इसलिये उनके खुद के घटक दल (अकाली दल) जो सरकार का हिस्सा था, उनके मंत्री ने इस्तीफा दिया, समर्थन वापस ले लिया। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक मोर्चा जो राजग का हिस्सा था, उन्होंने समर्थन वापस लिया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा क्यों है कि सरकार अपने सहयोगी दलो को.. अपने कैबिनेट के सदस्यों को समझा नहीं पा रही है। वह किसानों को क्या समझाएगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘किसान अपनी जान पर खेल कर इनका विरोध कर रहे हैं तो मुझे लगता है कि इसमें सच्चाई सबके सामने है लेकिन यह सरकार की जिद है और एक तरह से अडियल रवैया है कि मानने को तैयार नहीं है।’’

पायलट ने कहा, ‘‘अगर इसमें संशोधन करके वापस कर लेते है तो किसी की हार नहीं है। सरकार कई बार कानून बनाती है उसको दोबारा पुर्नविचार करना पड़ता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस देश में 86 प्रतिशत लघु किसान है.. छोटा किसान है वो कहां बडे बडे उद्योगपतियों से संघर्ष कर पायेगा।’’ उन्होंने कहा कि ‘‘अर्थव्यवस्था ढह रही है, पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं, सिलेंडर की कीमतें बढ़ रही हैं, महंगाई बढ़ रही है, बेरोजगारी बढ़ रही है और ऐसे में सरकार किसानों को इस तरह के कदम से मार रही है।’’

पायलट ने रविवार को पार्टी के ‘किसान बचाओ-देश बचाओ’ अभियान के तहत टोंक के बामोर, सोनवा, हरचंदेडा, अरनियामल ग्राम पंचायतों में किसानों से बातचीत की।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jan 10, 2021 08:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).