देहरादून, 16 अक्टूबर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को 200 गांवों में शुद्ध जल पहुंचाने की योजना सहित उत्तराखंड के लिए 105 करोङ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं की शुरूआत की।
इन परियोजनाओं में से सबसे प्रमुख गांवों में शुद्ध जल उपलब्ध कराने वाली 'हंस जल धारा' परियोजना है जिसे 50 करोड़ रुपये की लागत से तीन साल के भीतर पूरा किया जाना है ।
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कोविड-19 संक्रमण के चलते बड़ी संख्या में पहाड लौटे प्रवासी उत्तराखंडियों के लिए गैर सरकारी संगठन हंस फाउंडेशन ने इन योजनाओं के तहत 25 करोड़ रुपये की राशि दी है जिससे उन्हें स्वरोजगार उपलब्ध करवाने में मदद की जाएगी। इसी के साथ राज्य में लगभग 200 गांव में आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण की भी योजना है जिसकी लागत लगभग 30 करोड़ रूपये है।
गैर सरकारी संगठन हंस फाउंडेशन की प्रमुख माता मंगला के जन्मदिवस के अवसर पर इन योजनाओं की शुरू की गयी है ।
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इस अवसर पर मुख्यमंत्री रावत ने माता मंगला के सुदीर्घ जीवन की कामना करते हुए कहा कि उनकी सेवा भाव की विचारधारा हम सभी को प्रेरित करती है और उनका जीवन गरीबों की निस्वार्थ सेवा में समर्पित है।
उन्होंने कहा कि माता मंगला और उनके पति भोले महाराज समाज सेवा की भारतीय संस्कृति की महान परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं जिससे लाखों लोगों के जीवन में रोशनी फैल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पहले भोले महाराज के जन्मदिवस पर हंस फाउंडेशन 100 करोड़ रू की योजनाओं का तोहफा दे चुका है जिसमें पोड़ी के लवाड़ में ’नेशनल स्किल डेवलपमेंट सेंटर का निर्माण प्रमुख है।
माता मंगला के जन्मदिन पर हंस फाउंडेशन ने रूद्रप्रयाग के जिला अस्पताल को एम्बुलेंस (टाटा विंगर), सक्शन मशीन ,नेबुलाइज़र मशीन, लाइफ सपोर्ट डिवाइस डिफाइब्रिलेटर मशीन, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर,एक्स रे मशीन एवं ईसीजी मशीन भी प्रदान की ।
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