देश की खबरें | चीन को लेकर सरकार में राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी : कांग्रेस
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नयी दिल्ली, 12 अक्टूबर कांग्रेस ने भारत और चीन के बीच 13वें दौर की वार्ता में पूर्वी लद्दाख से संबंधित लंबित मुद्दों का कोई समाधान नहीं निकलने के बाद मंगलवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि चीन की आक्रामकता से निपटने के लिए इस सरकार में राजनीतिक इच्छाशक्ति का अभाव है।
भारत और चीन के बीच 13वें दौर की सैन्य वार्ता पूर्वी लद्दाख में लंबित मुद्दों का समाधान निकालने में किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। भारतीय सेना ने सोमवार को कहा कि उसके द्वारा दिए गए ‘सकारात्मक सुझावों’ पर चीनी सेना सहमत नहीं लगी।
इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए ट्वीट कर सवाल किया कि वह चीन को ‘लाल आंख क्यों नहीं दिखा देते?’
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘आज बड़े भारी मन से प्रधानमंत्री का बयान दोहराना पड़ता है कि न घुस आया है, न कोई कोई घुसा हुआ है। यह बयान देकर उन्होंने चीन को 19 जून 2020 को क्लीन चिट दी थी। इस बयान की वजह से चीन के साथ जो समझौते हुए, वो गैर बराबरी के हो गए।’’
उन्होंने दावा किया, ‘‘चीन और दुनिया को समझ में आ गया है कि भारत में एक ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिन्हें देश की संप्रभुता और सीमाओं की सुरक्षा से अधिक अपनी कृत्रिम छवि की चिंता है।’’
भारत और चीन के बीच नये दौर की सैन्य वार्ता के बेनतीजा रहने का उल्लेख करते हुए उन्होंने यह दावा भी किया, ‘‘जो हमारी वीर सेना ने दक्षिणी पैंगोंग में हासिल किया था, वो हमने गंवाया। अप्रैल, 2020 में जहां गश्त लगाई जाती थी, वहां अब यह नहीं हो रहा है। एक वीर देश, पराक्रमी सेना है, लेकिन कमजोर प्रधानमंत्री है। हमारे देश की सेना के पराक्रम पर कभी संदेह नहीं हो सकता। लेकिन हमें इस सरकार में राजनीतिक इच्छाशक्ति की भारी कमी दिख रही है।’’
उन्होंने सवाल किया, ‘‘ उत्तराखंड में चीन के सैनिक पुल नष्ट करके चले जाते हैं, यह स्थिति कैसे पैदा हुई? हम सरकार से यह भी जानना चाहते हैं कि प्रधानमंत्री ने चीन को क्लीनचिट देकर देश और दुनिया के सामने झूठ क्यों परोसा?’’
उल्लेखनीय है कि नये दौर की सैन्य वार्ता के बाद भारतीय सेना ने जो वक्तव्य जारी किया, उसमें मामले पर उसके सख्त रुख का संकेत मिला। सेना ने कहा कि रविवार को हुई बैठक में, बाकी के क्षेत्रों में मुद्दों का समाधान नहीं निकला और भारतीय पक्ष ने जोर देकर कहा कि वह चीनी पक्ष से इस दिशा में काम करने की उम्मीद करता है।
चीनी सैनिकों द्वारा घुसपैठ की कोशिश की दो हालिया घटनाओं की पृष्ठभूमि में 13वें दौर की वार्ता हुई। पहला मामला उत्तराखंड के बाराहोती सेक्टर में और दूसरा अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में सामने आया था।
हक
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(The above story first appeared on LatestLY on Oct 12, 2021 04:03 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

