जरुरी जानकारी | केआरबीएल का नए मिश्रित खाद्य तेल कारोबार से 200-300 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य

नयी दिल्ली, आठ जुलाई इंडिया गेट ब्रांड के तहत बासमती चावल का उत्पादन करने वाली प्रमुख कंपनी केआरबीएल लिमिटेड ने खाद्य तेलों के क्षेत्र में भी कदम रखा है और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक उपभोक्ताओं को लक्षित करते हुए अपनी नई पेशकश मिश्रित तेल उत्पादों से तीन साल के भीतर 200-300 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल करने का लक्ष्य रखा है। यह जानकारी मंगलवार को कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने दी।

अधिकारी ने कहा कि कंपनी ने फरवरी में अपने ‘इंडिया गेट अपलाइफ’ रेंज के तहत दो खाद्य तेल संस्करण पेश किए थे - एक- गुट प्रो और दूसरा - लाइट। इन उत्पादों की कीमत 192-199 रुपये प्रति लीटर है।

केआरबीएल के कारोबार प्रमुख (घरेलू) आयुष गुप्ता ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘अबतक केवल एक ब्रांड 'सफोला' रहा है, जिसने 1.1 लाख टन के बाजार आकार के साथ इस मिश्रित खाद्य तेल श्रेणी पर अपना दबदबा बनाया। हम इसका विस्तार करने जा रहे हैं।

गुप्ता ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में कंपनी की 2,000 टन की बिक्री और करीब 50 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य है। उन्होंने कहा, ‘‘अगले तीन वर्षों में हमारा लक्ष्य 8,000-10,000 टन की बिक्री और 200-300 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त करना है।’’

उन्होंने कहा कि नए उत्पादों की कीमत सफोला के मिश्रित तेल संस्करण की तुलना में 5.7 प्रतिशत अधिक है क्योंकि केआरबीएल ने खुद को एक प्रीमियम ब्रांड के रूप में स्थापित किया है।

केआरबीएल ने मिश्रित खाद्य तेलों के उत्पादन और पैकेजिंग को आउटसोर्स किया है। उत्पाद वर्तमान में आधुनिक दुकानों और प्रमुख ई-कॉमर्स और त्वरित वाणिज्य मंचों पर उपलब्ध हैं, इसके बाद सामान्य व्यापार वितरण होगा।

गट प्रो में 80 प्रतिशत चावल की भूसी के तेल को 20 प्रतिशत परिष्कृत सोयाबीन तेल के साथ मिलाया जाता है। इसे आंत के स्वास्थ्य और पाचन का समर्थन करने के लिए तैयार किया गया है। लाइट, एक वजन प्रबंधन संस्करण है, जिसमें 80 प्रतिशत चावल भूसी तेल को 20 प्रतिशत परिष्कृत सूरजमुखी तेल के साथ मिलाया जाता है।

गुप्ता ने कहा कि कंपनी स्वास्थ्य के प्रति जागरूक युवा उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिए अधिक कार्यात्मक और पोषण संबंधी खाद्य पदार्थ पेश करने की योजना बना रही है।

केआरबीएल के विपणन और व्यवसाय प्रमुख कुणाल शर्मा ने कहा कि वर्तमान में सफोला को छोड़कर कोई भी मिश्रित खाद्य तेल स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समाधान नहीं करता है।

भारत का खाद्य तेल बाजार कुल 243 लाख टन का है, जिसमें रिफाइंड खाद्य तेल 66 लाख टन का है। उन्होंने कहा कि चावल भूसी का तेल 2.6 लाख टन है, जबकि मिश्रित तेल श्रेणी का हिस्सा 1.1 लाख टन का है।

केआरबीएल लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान 4,000 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया था।

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