कोविड-19 से प्रभावित होगी कुछ एनएसएफ को मिलने वाली कोरपोरेट सहायता
बीसीसीआई के अलावा सभी राष्ट्रीय खेल संस्थाओं को राष्ट्रीय खेल महासंघों को सहायता योजना के अंतर्गत मंत्रालय से धनराशि मिलती है। इस साल उनके लिये 245 करोड़ रूपये का बजट रखा गया था।
नयी दिल्ली, 26 अप्रैल देश के अधिकतर राष्ट्रीय खेल महासंघ (एनएसएफ) सरकार से मिलने वाले अनुदान पर आश्रित हैं लेकिन कुछ ऐसे भी एनएसएफ हैं जो कोरपोरेट जगत से मिलने वाली धनराशि पर निर्भर हैं और कोविड-19 महामारी के कारण उनकी इस राशि में कमी आयी है।
बीसीसीआई के अलावा सभी राष्ट्रीय खेल संस्थाओं को राष्ट्रीय खेल महासंघों को सहायता योजना के अंतर्गत मंत्रालय से धनराशि मिलती है। इस साल उनके लिये 245 करोड़ रूपये का बजट रखा गया था।
इसमें खिलाड़ियों की ट्रेनिंग से लेकर उपकरणों की जरूरत, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी, विदेशी दौरे और देश में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी शामिल होता है।
हर साल एनएसएफ को ट्रेनिंग और टूर्नामेंट का सालाना कैलेंडर सौंपना होता ताकि उसी के मुताबिक उन्हें धनराशि जारी हो।
लेकिन कुछ एनएसएफ सिर्फ सरकारी कोष पर निर्भर नहीं हैं। कुछ अतिरिक्त टूर्नामेंट की मेजबानी और इनका आयोजन बड़े स्तर पर करने के लिये वे निजी संस्थाओं से धनराशि लेते हैं।
सरकार ने भी प्रावधान बनाया है कि कारपोरेट घराने खेल गतिविधियों में ‘कोरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी’ (सीएसआर) के अंतर्गत पैसा खर्च कर सकते हैं।
भारतीय साइकिलिंग महासंघ और भारतीय परालंपिक समिति वे खेल संस्थायें हैं जिन्हें इस सीएसआर कोष में कमी की उम्मीद है।
वहीं भारतीय एथलेटिक्स महासंघ और भारतीय भारोत्तोलन महासंघ ने कहा कि उन पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
साइकिलिंग महासंघ के चेयरमैन ओंकार सिंह ने पीटीआई- से कहा, ‘‘निश्चित रूप से कोरोना वायरस महामारी के चलते निजी संस्थाओं से मिलने वाले सीएसआर कोष में कमी आयेगी। निजी क्षेत्रों को भारी नुकसान हुआ है और इससे खेलों में कोरपोरेट कोष पर भी असर पड़ेगा। ’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 26, 2020 03:39 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

