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"कोविड-19 योद्धा" को राजकीय सम्मान से अंतिम विदाई, पीपीई किट पहनकर साथियों ने दी अंतिम श्रद्धांजलि

चश्मदीदों के मुताबिक पुलिस निरीक्षक की अंत्येष्टि शहर के रामबाग मुक्तिधाम में की गयी। पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी निजी सुरक्षा उपकरणों (पीपीई) की किट पहनकर अंत्येष्टि में शामिल हुए और अपने दिवंगत साथी की तस्वीर पर पुष्प चक्र चढ़ाकर उन्हें अंतिम सफर पर रवाना किया।

जमात

इंदौर, 19 अप्रैल मध्यप्रदेश के इंदौर में कोरोना वायरस संक्रमण के बाद दम तोड़ने वाले 41 वर्षीय पुलिस निरीक्षक को भावुक माहौल के बीच रविवार को राजकीय सम्मान से अंतिम विदाई दी गयी।

चश्मदीदों के मुताबिक पुलिस निरीक्षक की अंत्येष्टि शहर के रामबाग मुक्तिधाम में की गयी। पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी निजी सुरक्षा उपकरणों (पीपीई) की किट पहनकर अंत्येष्टि में शामिल हुए और अपने दिवंगत साथी की तस्वीर पर पुष्प चक्र चढ़ाकर उन्हें अंतिम सफर पर रवाना किया।

अंत्येष्टि के दौरान कतारबद्ध पुलिस कर्मियों ने हवाई फायर कर दिवंगत अफसर को सलामी दी। उनके अंतिम संस्कार के दौरान सभी पुलिस कर्मियों ने कोविड-19 से बचाव के लिये शारीरिक दूरी बना रखी थी।

पुलिस अफसर की अंत्येष्टि की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। सोशल मीडिया उपयोगकर्ता उन्हें "कोविड-19 योद्धा" बताकर भावुक संदेशों के साथ श्रद्धांजलि दे रहे हैं। कई उपयोगकर्ताओं का कहना है कि कोविड-19 के मोर्चे पर पुलिस अफसर के बलिदान का सम्मान करते हुए आम लोगों को कर्फ्यू का पूरी तरह पालन करना चाहिये और अपने घरों में ही बने रहना चाहिये।

पुलिस निरीक्षक के निधन पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शोक जताते हुए घोषणा की है कि दिवगंत अफसर के शोक में डूबे परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा और उनकी पत्नी को उप निरीक्षक के पद पर सरकारी नौकरी प्रदान की जायेगी।

पुलिस अधीक्षक महेशचंद्र जैन ने बताया कि दिवंगत पुलिस निरीक्षक कोविड-19 से संक्रमित होने से पहले शहर के जूनी इंदौर पुलिस थाने के प्रभारी के रूप में ड्यूटी कर रहे थे। यह इलाका इस महामारी के फैलाव के लिहाज से शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल है।

जैन ने बताया, "डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद पुलिस निरीक्षक की जान नहीं बचायी जा सकी। उनके परिवार में पत्नी और दो बेटियां हैं।"

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) प्रवीण जड़िया ने बताया, "पुलिस निरीक्षक पहली जांच में कोविड-19 से संक्रमित पाये गये थे और उन्हें करीब 20 दिन पहले अरविंदो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। यह अलग बात है कि इलाज के बाद कोविड-19 के किसी मरीज को अस्पताल से छुट्टी देने से पहले करायी जाने वाली दो अन्य जांचों में वह कोरोना वायरस के संक्रमण से मुक्त पाये गये थे।"

उन्होंने बताया, "निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने हालांकि संदेह जताया है कि पुलिस निरीक्षक की मौत का तात्कालिक कारण पल्मोनरी एम्बोलिज्म (धमनी में खून का थक्का जमने से जुड़ी समस्या) है। लेकिन इस बात की भी संभावना है कि उनमें पल्मोनरी एम्बोलिज्म की समस्या कोरोना वायरस संक्रमण के कारण ही उत्पन्न हुई हो।"

इंदौर, कोरोना वायरस से देश के सर्वाधिक प्रभावित शहरों में शामिल है। इस महामारी के पहले मरीज मिलने के बाद से स्थानीय प्रशासन ने 25 मार्च से शहरी सीमा में कर्फ्यू लगा रखा है।

हर्ष

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 19, 2020 05:16 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).