जरुरी जानकारी | खरीफ बुवाई पर कोविड-19 का असर नहीं, बुवाई रकबा अब तक 21.20 प्रतिशत अधिक: सरकार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. खरीफ फसलों की बुवाई पर कोविड-19 महामारी का कोई प्रभाव नहीं पड़ा है, क्योंकि चालू सत्र में धान और अन्य फसलों का कुल रकबा अब तक 21.20 प्रतिशत बढ़कर 691.86 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। कृषि मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी है।

नयी दिल्ली, 17 जुलाई खरीफ फसलों की बुवाई पर कोविड-19 महामारी का कोई प्रभाव नहीं पड़ा है, क्योंकि चालू सत्र में धान और अन्य फसलों का कुल रकबा अब तक 21.20 प्रतिशत बढ़कर 691.86 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। कृषि मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी है।

बुवाई के ताजा आंकड़ों में कहा गया है कि देश में अब तक अच्छी बारिश हुई है और 123 जलाशयों में जल स्तर अच्छी स्थिति में है।

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खरीफ फसलों की बुवाई जून महीने से दक्षिण पश्चिम मानसून की शुरुआत के साथ होती है, जबकि कटाई अक्टूबर से शुरू होती है। बाजरे, अरहर, उड़द, मूंग, मूंगफली और सोयाबीन के अलावा धान मुख्य खरीफ फसल है।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘17 जुलाई की स्थिति के अनुसार, कुल खरीफ फसलों की 691.86 लाख हेक्टेयर रकबे में बुवाई की गई है, जबकि पिछले साल की इसी अवधि के दौरान 570.86 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई थी। इस प्रकार बुवाई के रकबे में 21.20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

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खरीफ फसलों में धान बुवाई का रकबा 17 जुलाई को 18.59 प्रतिशत बढ़कर 168.47 लाख हेक्टेयर हो गया, जो कि एक साल पहले इसी अवधि में 142.06 लाख हेक्टेयर था।

चालू खरीफ सत्र के दौरान तिलहन और दलहन फसलों की रुपाई में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। दलहन बुवाई का रकबा 32.35 प्रतिशत बढ़कर 81.66 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में 61.70 लाख हेक्टेयर था। जबकि तिलहन फसलों का रकबा 40.75 प्रतिशत बढ़कर 154.95 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो कि पिछले साल इसी अवधि में 110.09 लाख हेक्टेयर रहा था।

मोटे अनाजों का रकबा अब तक 12.23 प्रतिशत बढ़कर 115.60 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो एक साल पहले 103 लाख हेक्टेयर था। नकदी फसलों के बीच कपास का रकबा पहले के 96.35 लाख हेक्टेयर से 17.28 प्रतिशत बढ़कर 113.01 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जबकि उक्त अवधि में गन्ना खेती का रकबा पहले के 50.82 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 51.28 लाख हेक्टेयर हो गया है।

मंत्रालय के अनुसार, 16 जुलाई तक देश में 308.4 मिमी की सामान्य के मुकाबले 338.3 मिमी की अच्छी बारिश हुई है।

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार 123 जलाशयों में जल स्तर पिछले वर्ष का 150 प्रतिशत था और पिछले दस वर्षों के औसत का 133 प्रतिशत तक है।

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