देश की खबरें | मरीज की मौत के बाद शव की कोविड-19 जांच न करें अस्पताल: ओडिशा सरकार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. ओडिशा सरकार ने सरकारी और निजी अस्पतालों से कहा है जिन मरीजों का कोविड-19 का इलाज नहीं हो रहा है उनकी मृत्यु के बाद उनके शवों की कोरोना वायरस जांच न की जाए।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

भुवनेश्वर, 23 सितंबर ओडिशा सरकार ने सरकारी और निजी अस्पतालों से कहा है जिन मरीजों का कोविड-19 का इलाज नहीं हो रहा है उनकी मृत्यु के बाद उनके शवों की कोरोना वायरस जांच न की जाए।

एक अधिकारी ने बुधवार को कहा कि मौत हो जाने के बाद की गई जांच में संक्रमण की पुष्टि होने पर मृतक के परिजन और पड़ोसी अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो रहे हैं। इसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया।

यह भी पढ़े | MP Bye-Polls 2020: बेहद दिलचस्प होती जा रही है मध्यप्रदेश उपचुनावों की जंग, किसानों पर सियासी संग्राम, कांग्रेस-बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर के आसार.

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से मंगलवार को जारी अधिसूचना में कहा गया कि अस्पतालों को मृतकों के शव परिजन को देने में अनावश्यक देर नहीं करनी चाहिए।

विभाग ने कोविड-19 के मरीजों का इलाज कर रहे सभी अस्पतालों को, मृतक की कोरोना वायरस जांच रिपोर्ट और अन्य संबंधित रिपोर्ट मरीज के मरने के 48 घंटे के भीतर स्वास्थ्य सेवा निदेशक को भेजने का निर्देश दिया है।

यह भी पढ़े | Corona pandemic: कोरोना महामारी को लेकर योगी सरकार का बड़ा फैसला, नॉन-कोविड अस्पतालों में OPD संचालित करने के लिए दिए निर्देश.

अधिसूचना में कहा गया कि कोविड-19 के मरीजों की मौत का राज्य स्तर पर ऑडिट किया जाता है जिससे मौत का कारण पता चल सके।

राज्य में अब तक कोविड-19 से पीड़ित 53 मरीजों की मौत दूसरे रोगों के कारण हुई।

ओडिशा में अब तक कोविड-19 से 736 मरीजों की मौत हो चुकी है और 1,53,213 मरीज ठीक हो चुके हैं।

वर्तमान में राज्य में कोविड-19 के 38,546 मरीज उपचाराधीन हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now