जरुरी जानकारी | कोविड-19 संकट में नकदी फसल के उत्पादों के लिए नए बाजार-सम्पर्क ढूंढ अहम:टेक्नोसर्व
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. गैर-सरकारी संगठन टेक्नोसर्व इंडिया का मानना है कि कोराना वायरस संकट और उससे उत्पन्न बाधाओं के इस दौर में किसानों, खास कर नकदी फसलें उगाने वाले किसानों का बाजार से नया संपर्क बहाल होना जरूरी है। संगठन ने वर्तमान संकट के समय आंध्र प्रदेश में किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के साथ अपने काम के आधार पर यह बात कही है।
नयी दिल्ली, 30 अगस्त गैर-सरकारी संगठन टेक्नोसर्व इंडिया का मानना है कि कोराना वायरस संकट और उससे उत्पन्न बाधाओं के इस दौर में किसानों, खास कर नकदी फसलें उगाने वाले किसानों का बाजार से नया संपर्क बहाल होना जरूरी है। संगठन ने वर्तमान संकट के समय आंध्र प्रदेश में किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के साथ अपने काम के आधार पर यह बात कही है।
टेक्नोसर्व के अनुसार वहां तीन जिलो में 14 एफपीओ के लगभग 17,500 किसान बाजार संपर्क की तात्कालिक सहायता से कोविड -19 के कारण खड़ी बाधाओं को पर कर के अपने उत्पाद के लिए नये ग्राहक ढूंढने में कामयाब रहे।
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टेक्नोसर्व ने कहा कि विशाखापत्तनम, विजयनगरम और श्रीकाकुलम जिलों के इन14 एफपीओ ने संकट को एक अवसर के रूप में बदल दिया और अपने परिचालन का विस्तार भी किया। ये 14 एफपीओ, हल्दी, कॉफी, काजू, काली मिर्च, नारियल और अनानास की खेती में लगे हैं।
टेक्नोसर्व इंडिया वॉलमार्ट फाउंडेशन के सहयोग से छोटे किसानों के लिए टिकाऊ आजीविका कार्यक्रम (सस्टेनेबल लाइवलीहुड्स फॉर स्मॉलहोल्डर फार्मर्स) के तहत इन किसानों के साथ काम कर रहा है।
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वॉलमार्ट फाउंडेशन की प्रवक्ता शैरी-ली सिंह ने कहा, "कोविड-19 ने छोटे किसानों के लिए कई चुनौतियां पैदा कीं जिसमें आपूर्ति श्रृंखलाओं के बाधित और खंडित होने से लेकर संपर्क व्यवस्था के टूटने और उपलब्ध सेवाओं की कमी जैसी अड़चनें शामिल हैं। ऐसे में किसान को उनकी आजीविका में मदद करने के लिए उन्हें समय पर उचित जानकारी और सुरक्षित बाजार श्रृंखला के साथ संपर्क कराने की आवश्यकता सबसे अधिक रहती है।’’
फाउंडेशन किसानों की आय में सुधार और टिकाऊ कृषि प्रथाओं को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से भारत में भागीदार गैर-सरकारी संगठनों के साथ काम करता है।
टेक्नोसर्व इंडिया के भारत के निदेशक, पुनीत गुप्ता ने कहा, '' महामारी के बीच आपूर्ति श्रृंखला में भारी व्यवधान देखा गया। किसानों के बाजार के साथ संपर्क के पुरानी कड़ियां अस्तव्यस्त हो गयीं।’’ उन्होंने कहा कि कोविड-19 के दौरान किसानों को नकदी और आय सुनिश्चित करने के लिए समय रहते सहायता दी गई।
उन्होंने कहा, " हमने इसके बाद विभिन्न गुणवत्ता के उत्पादों का विपणन करने के लिए राज्य के साथ-साथ अन्य राज्यों के बाजारों में खरीदारों के साथ संपर्क ढूंढा। हमने व्यापार की शर्तों को अंतिम रूप देने में मदद की और साथ ही एफपीओ को गुणवत्ता नियंत्रण और विभिन्न खरीदारों के आर्डर बढ़ाने के मामले में मदद की।
गैर-सरकारी संगठन ने लॉकडाउन के दौरान एफपीओ और किसानों को एफपीओ को विभिन्न वित्तीय संस्थानों से कामकाजी दिलवाने में भी मदद की।
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