नयी दिल्ली, एक सितंबर उच्चतम न्यायालय 27 अगस्त के राज्य सचिवालय मार्च के आयोजकों में शामिल एक व्यक्ति को जमानत देने संबंधी कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली पश्चिम बंगाल सरकार की याचिका पर सोमवार को सुनवाई करेगा।
पश्चिम बंगाल के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इस महीने की शुरूआत में एक प्रशिक्षु डॉक्टर से बलात्कार व उसकी हत्या की घटना के विरोध में यह रैली आयोजित की गई थी।
शीर्ष अदालत की मामला सूची के अनुसार, प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ द्वारा याचिका की सुनवाई किये जाने की संभावना है।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को पश्चिम बंग छात्र समाज के नेता सायन लाहिड़ी को जमानत दी थी। यह संगठन, एक अपंजीकृत छात्र समूह है। यह उन दो संगठनों में एक है जिसने 27 अगस्त के ‘नबान्न’ (राज्य सचिवालय) अभियान का आह्वान किया था।
लाहिड़ी को 27 अगस्त की शाम रैली का नेतृत्व करने में सक्रिय भूमिका निभाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने कहा था कि रैली हिंसक हो गई, जिससे सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा तथा और सुरक्षाकर्मियों पर हमले हुए।
लाहिड़ी की मां अंजलि की याचिका पर सुनवाई करते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को उसे शनिवार अपराह्न दो बजे तक पुलिस हिरासत से रिहा करने का आदेश दिया था। अंजलि ने अपनी याचिका में बेटे के खिलाफ कार्यवाही को रद्द करने और उसे जमानत देने का अनुरोध किया था।
कोलकाता पुलिस ने शनिवार को लाहिड़ी को अपनी हिरासत से रिहा कर दिया।
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