देश की खबरें | गिरोह का ‘मुखबिर’ होने के आरोप में किशोर की चाकू घोंपकर हत्या, कांवड़ शिविर से पकड़े गए तीन आरोपी
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(सौम्या शुक्ला)
नयी दिल्ली, 25 जुलाई राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक जघन्य हत्याकांड में 14 वर्षीय एक किशोर का कथित तौर पर एक प्रतिद्वंद्वी गिरोह का मुखबिर होने के शक में 13 लोगों ने मिलकर यौन उत्पीड़न किया और चाकू घोंपकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि एक जुलाई को दिल्ली की एक नहर से बरामद किशोर के शव पर चाकू के 24 घाव थे और गुप्तांगों पर भी गंभीर चोटें थीं।
उन्होंने बताया कि इस वारदात को 29 और 30 जून की दरमियानी रात को कथित तौर पर अंजाम दिया गया
पुलिस के अधिकारी ने बताया कि इस अपराध में शामिल 10 लोगों को हिरासत में ले लिया गया है, जिनमें मुख्य आरोपी कृष्णा उर्फ भोला (19) भी शामिल है।
हिरासत में लिए गए लोगों में से तीन को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक कांवड़ शिविर से पकड़ा। पुलिस कांवड शिविर में कांवडियों के वेश में गई थी।
पुलिस के अनुसार, कृष्णा ने इस हत्या की कथित तौर पर साजिश रची थी क्योंकि उसे शक था कि मृतक किशोर उसके प्रतिद्वंद्वी 'बधवार बंधुओं' मोनू और सोनू का मुखबिर था।
मोनू और सोनू ने पिछले साल कृष्ण पर कथित रूप से हमला किया था।
समयपुर बादली पुलिस थाने को एक जुलाई को अपराह्न तीन बजकर 10 मिनट पर एक शव मिलने के संबंध में पीसीआर कॉल प्राप्त हुई थी।
पुलिस उपायुक्त (बाहरी उत्तर) हरेश्वर स्वामी ने बताया, "मुनक नहर में एक किशोर का सड़ा गला और पूरी तरह निर्वस्त्र अवस्था में शव मिला, जिसके गले में एक स्कार्फ लिपटा हुआ था और पूरे शरीर पर चाकू के कई घाव थे।"
बाद में उसकी पहचान 14 वर्षीय किशोर के रूप में हुई और भारतीय न्याय सहिंता (बीएनएस) की धारा 103 (1) (हत्या) और 238 (बी) (साक्ष्य को गायब करना या अपराधी को बचाने के लिए झूठी जानकारी देना) के तहत मामला दर्ज किया गया।
हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से अपराध की क्रूरता उजागर हुई।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि किशोर के शरीर पर चाकू के 24 घाव थे।"
उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नाबालिग के वीभत्स यौन उत्पीड़न की बात भी सामने आई।
यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की धारा छह को अब इस मामले में जोड़ दिया गया है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि, "हमने नाबालिग आरोपियों में से एक का सोशल मीडिया पर उसकी गतिविधि के जरिए पता लगाया । हरिद्वार से तीन आरोपी मोनू और दो नाबालिग कांवड़ यात्रा में मेरठ आए थे। वे मेरठ के कांवड़ शिविर में ठहरे हुए थे।"
किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस भी कांवड़ियों का वेश धारण करके शिविर में घुस गई।
पुलिस के अधिकारी ने बताया, "हमने स्थानीय पुलिस और दिल्ली से भेजी गई एक टीम की मदद से 18 जुलाई की रात उन्हें पकड़ लिया।"
अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान उन्होंने कथित तौर पर अपराध कबूल कर लिया और तीन अन्य आरोपियों - दीपक, चंदन और सचिन की पहचान बताई तथा उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने बारी-बारी से नाबालिग पर चाकू से हमला किया था।
पुलिस ने कहा कि अपराध की जघन्य प्रकृति को देखते हुए, वह आरोपियों को अधिकतम सजा दिलाने के लिए कानूनी टीम के साथ मिलकर काम कर रही है।
अधिकारी ने कहा कि चूंकि अधिकांश आरोपी नाबालिग हैं, इसलिए 16 वर्ष से अधिक आयु वालों को वयस्कों के समान माने जाने और उसी आधार पर उन्हें सजा दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।
अधिकारी ने बताया कि कृष्णा पिछले साल दिवाली के आसपास अपने ऊपर हुए हमले का बदला लेने की साजिश काफी समय से रच रहा था।
उसे शक था कि 14 वर्षीय नाबालिग और उसके कुछ दोस्त 'बधवार बंधुओं' के मुखबिर हैं।
अधिकारी ने बताया कि कृष्णा और उसके साथियों ने 29 और 30 जून की दरमियानी रात को चाकुओं का इंतजाम किया और 14 वर्षीय किशोर को वीर चौक बाजार के पास रोक लिया जहां उसके साथ मारपीट की तथा फिर उसके दोस्तों के सामने उसका अपहरण कर मोटरसाइकिल पर सवार होकर फरार हो गए।
उन्होंने बताया कि नाबालिग को मुनक नहर के पास एक स्थान पर ले जाया गया, जहां उसके कपड़े उतारे गए, उसे चाकू घोंपे गए और उसका यौन उत्पीड़न किया गया।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 25, 2025 08:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

