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ट्रेन में सवार होकर पुतिन से मिलने जा सकते हैं किम

उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन, जल्द ही रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात कर सकते हैं.

ट्रेन में सवार होकर पुतिन से मिलने जा सकते हैं किम
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन, जल्द ही रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात कर सकते हैं. यूक्रेन युद्ध, तीस साल बाद दोनों देशों को करीब ला रहा है.यूक्रेन युद्ध के कारण अलग थलग पड़ा रूस, उत्तर कोरिया में कई संभावनाएं देख रहा है. अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, कई दशक बाद दोनों देशों के रिश्ते गहरे होते दिख रहे हैं. सोवियत संघ के विघटन के बाद रूस ने उत्तर कोरिया को लेकर कभी बहुत उत्साह नहीं दिखाया, लेकिन अब यह स्टैंड बदलता हुआ लग रहा है.

किम जोंग उन ने दिए युद्ध की तैयारी के आदेश

अमेरिकी अखबार, द न्यू यॉर्क टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि किम, जल्द ही एक बख्तरबंद ट्रेन के जरिए प्योंग्यांग से रूसी शहर व्लादिवोस्तोक के लिए रवाना हो सकते हैं. उत्तर कोरिया की पूर्वोत्तर सीमा रूस से मिलती है. अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय, द व्हाइट हाउस पहले ही कह चुका है कि रूस को यूक्रेन युद्ध के लिए हथियारों की जरूरत है. पुतिन को उम्मीद है कि किम उनकी मदद कर सकते हैं.

मॉस्को और प्योंग्यांग के रिश्ते

परमाणु परीक्षणों के कारण अमेरिका ने उत्तर कोरिया पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं. रूस और चीन भी अमेरिका के इन प्रतिबंधों का पालन करते हैं. लेकिन बीते कुछ साल में रूस और चीन का यह रुख बदलने लगा है. 2017 में परमाणु परीक्षण के बाद किम जोंग उन ने रूस के साथ संबंध सुधारने की खूब कोशिश की. इस सिलसिले में 2019 में वह ट्रेन ने रूसी शहर व्लादिवोस्तोक गए. जून 2023 में रूस के नेशनल डे पर किम ने पुतिन के साथ "हाथ मिलाने" का एलान करते हुए रणनीतिक साझेदारी को बढ़ाने की वकालत की.

2006 के बाद अब पहली बार रूस, चीन के साथ मिलकर उत्तर कोरिया के खिलाफ नए प्रतिबंधों का विरोध कर रहा है. जुलाई 2023 में रूसी रक्षा मंत्री सेर्गेई शोइगु ने प्योंग्यांग का दौरा किया और उत्तर कोरिया के प्रतिबंधित हथियार भी देखे. बाद में वह किम के बगल में खड़े रहे और मिलिट्री परेड में प्रतिबंधित मिसाइलों को सलामी ठोंकते नजर आए.

रूस और उत्तर कोरिया के रिश्तों पर यूक्रेन युद्ध का असर

यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद से उत्तर कोरिया सार्वजनिक रूप से मॉस्को का समर्थन कर रहा है. प्योंग्यांग, रूस द्वारा आजाद करार दिए यूक्रेनी इलाकों को मान्यता देने वाला अकेला देश है. अमेरिका ने उत्तर कोरिया पर रूस को हथियार देने का आरोप भी लगाया है. रूस और उत्तर कोरिया, वॉशिगटन के इन आरोपों को मनगढंत बताते हैं. लेकिन दोनों देश रक्षा सहयोग को मजबूत करने का वादा जरूर कर रहे हैं.

उत्तर कोरिया के मामलों की समीक्षा करने वाली वेबसाइट 38 नॉर्थ की एक रिपोर्ट में व्लादिवोस्तोव की फार ईस्टर्न फेडरल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अरितोम लुकिन लिखते हैं, "यूक्रेन में मॉस्को के 'विशेष सैन्य अभियान' ने एक नई भूरणनैतिक हकीकत गढ़ दी है, इसमें क्रेमलिन और उत्तर कोरिया बहुत करीब आ सकते हैं, शायद वो शीत युद्ध के दौरान साझेदारी वाले संबंधों को फिर से बहाल कर सकते हैं."

पुतिन और किम की मुलाकात की अटकलों से ठीक पहले रूसी रक्षा मंत्री शोइगु ने स्थानीय मीडिया से कहा कि मॉस्को, उत्तर कोरिया के साथ साझा सैन्य अभ्यास पर भी चर्चा कर रहा है. शोइगु के बयान के हवाले ने रूसी समाचार एजेंसी इंटरफैक्स ने लिखा, "एक पुरानी रूसी कहावत है: आप अपना पड़ोसी नहीं चुन सकते हैं और इसीलिए बेहतर है कि आप अपने पड़ोसी के साथ शांति और सौहार्द्र से रहें."

ओएसजे/एसबी (रॉयटर्स)

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 05, 2023 03:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).