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केआईआईटी नेपाली छात्रा की मौत: विधायकों ने ओडिशा विधानसभा में उठाया मुद्दा

ओडिशा विधानसभा में मंगलवार को पार्टी लाइन से ऊपर उठकर विधायकों ने यहां कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (केआईआईटी) परिसर में एक नेपाली छात्रा की मौत पर दुख व्यक्त किया और निजी संस्थान के अधिकारियों द्वारा पड़ोसी देश के कई अन्य छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार की निंदा की.

केआईआईटी नेपाली छात्रा की मौत: विधायकों ने ओडिशा विधानसभा में उठाया मुद्दा
प्रतीकात्मक (Image: Pixabay)

भुवनेश्वर, 18 फरवरी : ओडिशा विधानसभा में मंगलवार को पार्टी लाइन से ऊपर उठकर विधायकों ने यहां कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (केआईआईटी) परिसर में एक नेपाली छात्रा की मौत पर दुख व्यक्त किया और निजी संस्थान के अधिकारियों द्वारा पड़ोसी देश के कई अन्य छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार की निंदा की. बीजू जनता दल (बीजद) के सदस्य पी. के. देब ने शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाया और कहा कि छात्रा की आत्महत्या और उसके बाद की घटना राज्य के लिए शर्म की बात है. नेपाली छात्रों के एक समूह ने केआईआईटी पर उन्हें छात्रावास से निकालने का आरोप लगाया गया था. संस्थान की बीटेक तृतीय वर्ष की छात्रा प्रकृति लामसाल की मौत के बाद परिसर में तनाव व्याप्त है.

देब ने दावा किया, ‘‘इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ओडिशा का नाम खराब किया है.’’ उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले शासन के तहत ‘‘बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति’’ का नतीजा है. कांग्रेस विधायक दल के नेता रामचंद्र कदम ने भी नेपाल के छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार पर चिंता व्यक्त की. कदम ने कहा, ‘‘यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और इसे कोई भी स्वीकार नहीं कर सकता.’’ कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य ताराप्रसाद बहिनीपति ने इस घटना की न्यायिक जांच की मांग की. आरोप है कि नेपाल की छात्रा के कथित रूप से आत्महत्या करने के बाद घटना से आक्रोशित हिमालयी देश के कई अन्य छात्रों पर केआईआईटी कर्मचारियों ने हमला किया. यह भी पढ़ें : भाजपा नेताओं ने रामलीला मैदान में मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों का जायजा लिया

बहिनीपति ने कहा, ‘‘जब हमें पता चला कि नेपाल के छात्रों को ओडिशा में परेशान किया गया, तो इन बातों से दुख पहुंचा. हमारे राज्य का नेपाल के साथ पुराना रिश्ता है. केआईआईटी अधिकारियों के व्यवहार ने ओडिशा के नेपाल के साथ संबंधों को खराब कर दिया है.’’ कांग्रेस विधायकों ने यह भी धमकी दी कि अगर मुख्यमंत्री ने घटना की न्यायिक जांच के आदेश नहीं दिए तो वे विधानसभा में धरना देंगे. केआईआईटी ने एक बयान में कहा कि संस्थान हमेशा से दुनिया भर के छात्रों का पसंदीदा स्थान रहा है, जो समावेशिता, सम्मान और छात्रों की परवाह करने की संस्कृति को बढ़ावा देता है.

संस्थान ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘हमें हाल की घटना पर गहरा अफसोस है और हम अपने सभी छात्रों, जिनमें हमारे प्यारे नेपाली छात्र भी शामिल हैं, की सुरक्षा, सम्मान और भलाई के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं.’’ भाजपा विधायक बाबू सिंह ने केआईआईटी के संस्थापक अच्युत सामंत की गिरफ्तारी की भी मांग की. भाजपा विधायक ने कहा, ‘‘केआईआईटी में जो कुछ हुआ है, वह ओडिशा के लिए शर्म की बात है. इसलिए सामंत को गिरफ्तार किया जाना चाहिए.’’ उन्होंने कहा कि निजी संस्थान के ‘‘गलत कामों’’ के कारण राज्य को भारी नुकसान हुआ है.

सिंह ने आरोप लगाया कि कंधमाल से सांसद सामंत को विपक्षी बीजू जनता दल का संरक्षण प्राप्त था. कई अन्य भाजपा विधायकों ने भी नेपाली छात्रा की मौत को लेकर संस्थान की कड़ी आलोचना की. प्रकृति लामसाल का शव रविवार शाम को उसके छात्रावास के कमरे से बरामद किया गया. संस्थान ने कहा, ‘‘संदेह है कि लड़की केआईआईटी में ही पढ़ने वाले किसी अन्य छात्र से प्रेम करती थी और उसने किसी कारण से आत्महत्या कर ली.’’

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 18, 2025 03:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).