कोविड-19 से निपटने को लेकर केरल के ‘‘अति आत्मविश्वास’’ के कारण दो जिलों में बढ़े मामले: मुरलीधरन

उनकी इस टिप्पणी के जवाब में राज्य के मंत्री कडकम्पल्ली सुरेंद्रन ने पलटवार करते हुए कहा कि वह प्रधानमंत्री नेरन्द्र मोदी के गृह राज्य गुजरात का मुल्यांकन करने (जहां लगातार कोरोना वायरस के मामले बढ़ रहे हैं) और विभिन्न देशों में फंसे प्रवासियों को वापस लाने पर ध्यान केन्द्रित करें।

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तिरुवनंतपुरम, 29 अप्रैल विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन ने आरोप लगाया कि वैश्विक महामारी कोविड-19 से निपटने के ‘‘केरल के अति आत्मविश्वास’’ के कारण इड्डुक्कि और कोट्टयम में कोरोना वायरस के मामले बढ़े हैं।

उनकी इस टिप्पणी के जवाब में राज्य के मंत्री कडकम्पल्ली सुरेंद्रन ने पलटवार करते हुए कहा कि वह प्रधानमंत्री नेरन्द्र मोदी के गृह राज्य गुजरात का मुल्यांकन करने (जहां लगातार कोरोना वायरस के मामले बढ़ रहे हैं) और विभिन्न देशों में फंसे प्रवासियों को वापस लाने पर ध्यान केन्द्रित करें।

मुरलीधरन ने 28 अप्रैल को एक फेसबुक पोस्ट में कहा था कि इड्डुक्कि और कोट्टयम जिले को ग्रीन जोन घोषित करते समय केरल के पांव जमीन पर नहीं थे।

उन्होंने लिखा था, ‘‘ कुछ घंटों बाद ही इन जिलों में नए मामले सामने आ गए। सरकार सतर्क होने की बजाय अपना गुणगान कर रही थी, जिसके चलते परेशानी में पड़ गई। पीआर गतिविधियों में लिप्त होने की बजाय उन्हें वैश्विक महामारी से निपटने पर ध्यान देना चाहिए।’’

केन्द्रीय मंत्री एवं भाजपा नेता की इन टिप्पणियों पर पलटवार करते हुए सुरेंद्रन ने उनसे दूसरे राज्य से केरल का मॉडल अपनाने की अपील करने को कहा।

सुरेंद्रन ने कहा, ‘‘ गुजरात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का गृह राज्य है और वहां लगातार कोविड-19 के मामले बढ़ रहे हैं। देश के अधिकतर शहर कोरोना वायरस से बुरी तरह प्रभावित हैं। राष्ट्रीय राजधानी उनकी नाक के नीचे है। उनके पास जो वे करना चाहें उसका अधिकार है। तब भी वहां वायरस नियंत्रण के बाहर है।’’

उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि अगर कोविड-19 से निपटने में केरल की ओर से कोई कमी रह भी गई है तो केन्द्रीय मंत्री सहित किसी को उन पर उंगली उठाने का अधिकार नहीं है।

इडुक्की का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि केरल के अधिकतर जिलों की सीमा अन्य राज्यों के साथ लगी है। केरल में वायरस से संक्रमित कई लोग अन्य राज्यों से आए हैं।

उन्होंने पूछा , ‘‘ अहमदाबाद में कई मामले हैं। क्या इसलिए कि वहां लॉकडाउन नहीं है?’’

उन्होंने कहा कि केन्द्रीय मंत्री को ऐसी टिप्पणी करने से पहले वास्तविकता को समझना चाहिए।

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