देश की खबरें | केरल विस चुनाव : पिनरायी विजयन को ‘कैप्टन’ बुलाए जाने पर हुआ विवाद
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. शेक्सपियर ने कहा था कि ‘नाम में क्या रखा है’, लेकिन केरल में सत्तारूढ़ माकपा के लिए यह बात इतनी आसान नहीं है जहां मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को उनके प्रशंसकों द्वारा ‘कैप्टन’ बुलाए जाने को लेकर पार्टी में तथा उसके बाहर विवाद पैदा हो गया है। कई लोगों का कहना है कि यह उपनाम किसी राजनीतिक संगठन को देना चाहिए न कि किसी व्यक्ति को।
तिरुवनंतपुरम, चार अप्रैल शेक्सपियर ने कहा था कि ‘नाम में क्या रखा है’, लेकिन केरल में सत्तारूढ़ माकपा के लिए यह बात इतनी आसान नहीं है जहां मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को उनके प्रशंसकों द्वारा ‘कैप्टन’ बुलाए जाने को लेकर पार्टी में तथा उसके बाहर विवाद पैदा हो गया है। कई लोगों का कहना है कि यह उपनाम किसी राजनीतिक संगठन को देना चाहिए न कि किसी व्यक्ति को।
केरल में चुनाव प्रचार और बैठकों के दौरान मुख्यमंत्री के कट्टर समर्थक उनके स्वागत में ‘‘केरल का कैप्टन यहां है’’ या ‘‘ऐसा कैप्टन जिसने संकट में केरल का नेतृत्व किया’’ जैसे कुछ नारों इस्तेमाल कर रहे हैं।
हालांकि वाम दल के आलोचकों का कहना है कि मार्क्सवादी पार्टी में किसी व्यक्ति को अपने चेहरे के तौर पर पेश करने या उसका प्रचार करने की परंपरा नहीं रही है, खासतौर से चुनावों के दौरान और इसके खिलाफ कोई भी कदम किसी व्यक्ति विशेष की पूजा की तरह है।
दिलचस्प बात यह है कि विजयन पार्टी में किसी व्यक्ति विशेष की पूजा करने के कट्टर आलोचक हैं।
उन्होंने इस बात को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री वी एस अच्युतानंदन की कई बार आलोचना की थी।
‘कैप्टन’ कहे जाने को लेकर बहस हाल में तब शुरू हुई जब वरिष्ठ नेता और पार्टी के पूर्व राज्य सचिव कोदियरी बालकृष्णन ने एक पत्रकार के सवाल पर जवाब दिया।
उन्होंने कहा था, ‘‘कैप्टन जैसा संबोधन लोगों की तरफ से आ रहा है। जहां तक माकपा का संबंध है तो उसमें हर कोई कॉमरेड है।’’
ऐसे ही विचार व्यक्त करते और वाम मोर्चे के चुनावी नारे ‘‘निश्चित ही, एलडीएफ’ का जिक्र करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता और कन्नूर के पूर्व जिला सचिव पी जयराजन ने कहा कि कोई व्यक्ति नहीं बल्कि पार्टी और वाम मोर्चा लोगों को आश्वासन दे रहा है।
साथ ही उन्होंने यह कहा कि जब लोग किसी के करीब होते हैं तो वे कई तरीके से अपना प्यार दिखाते हैं।
उन्होंने शनिवार को फेसबुक पर लिखे पोस्ट में कहा, ‘‘कुछ लोग प्यार दिखाने के लिए गीत लिख देते हैं, कुछ तस्वीरें रखते हैं और कुछ लोग टैटू बनवा लेते हैं।’’
हालांकि पहली बार में फेसबुक का यह पोस्ट विवाद को थामने की कोशिश लगता है लेकिन कई लोगों का मानना है कि कन्नूर के नेता ने पार्टी नेतृत्व और विजयन पर निशाना साधा है जिन्होंने कभी एक म्यूजिक एल्बम के नाम पर उनकी आलोचना की थी।
जयराजन के फेसबुक पोस्ट पर चर्चा चलने के बीच विजयन ने रविवार को मीडिया पर अनावश्यक विवाद पैदा करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कन्नूर में पत्रकारों से कहा कि जयराजन के पोस्ट में एक भी शब्द या वाक्य गलत नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मीडिया अब जयराजन के पीछे पड़ गई है। उनके फेसबुक पोस्ट में पार्टी के खिलाफ कुछ भी नहीं है। उन्होंने सही तरीके से पार्टी का बचाव किया है, लेकिन मीडिया ने जानबूझकर इसका गलत मतलब निकाला। यह सही नहीं है।’’
जयराजन के बयान को दोहराते हुए विजयन ने कहा कि कई लोग कम्युनिस्ट नेताओं की लोकप्रियता बढ़ने से परेशान हो सकते हैं।
माकपा के कार्यवाहक सचिव ए. वियजराघवन ने कहा कि विजयन को लोगों द्वारा ‘कैप्टन’ बुलाया जाना स्वाभाविक है और यह पिछले पांच साल में उनके काम की पहचान है। हालांकि, माकपा के प्रदेश सचिव कनम राजेंद्रन ने कहा कि पार्टी ने मुख्यमंत्री को ‘कैप्टन’ नहीं बल्कि केवल ‘कॉमरेड’ कहा है।
विपक्षी दल कांग्रेस ने ‘कैप्टन’ विवाद को अवसर की तरह इस्तेमाल किया है।
केरल प्रदेश कांग्रेस प्रमुख मुलापल्ली रामचंद्रन ने कहा कि विजयन एक डूबते जहाज के ‘‘कैप्टन’’ हैं।
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