देश की खबरें | केरल : अदालत ने भड़काऊ भाषण मामले में भाजपा नेता जॉर्ज की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की
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कोच्चि, 21 फरवरी केरल उच्च न्यायालय ने एक टेलीविजन बहस के दौरान दिए गए कथित भड़काऊ बयान के संबंध में शुक्रवार को भाजपा नेता पी सी जॉर्ज द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी और कहा कि इससे समाज में गलत संदेश जाएगा।
उच्च न्यायालय ने कहा कि ‘‘राजनेताओं को समाज के लिए आदर्श बनना चाहिए’’ और आजकल धर्म, जाति आदि के आधार पर बयान देने की प्रवृत्ति को शुरुआत में ही रोक दिया जाना चाहिए क्योंकि ये संविधान के मूल ढांचे के खिलाफ है।
इसने कहा कि संसद और विधि आयोग को इस बात पर विचार करना चाहिए कि क्या ऐसे बयान देने वाले अपराधी को जुर्माना देकर बच निकलने दिया जाना चाहिए।
उच्च न्यायालय ने विधि आयोग और संसद का ध्यान जॉर्ज जैसे मामलों में अनिवार्य जेल की सजा की आवश्यकता की ओर भी आकर्षित किया, जहां इस तरह के बयान लगातार दिए जाते हैं।
भाजपा नेता को राहत देने से इनकार करते हुए न्यायमूर्ति पी वी कुन्हिकृष्णन ने कहा कि उच्च न्यायालय ने 2022 में जॉर्ज को नफरत भरे दो भाषणों से संबंधित मामलों में इस शर्त के साथ जमानत दी थी कि वह इस तरह का कोई बयान नहीं देंगे।
उच्च न्यायालय ने कहा कि जॉर्ज ने 2022 में उन्हें दी गई जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है और यदि इस प्रकार के मामलों में कोई राहत दी जाती है, तो इससे ‘‘समाज में गलत संदेश जाएगा।’’
कोट्टायम जिला सत्र न्यायालय ने एराट्टुपेट्टा पुलिस द्वारा दर्ज मामले में जॉज की अग्रिम याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। यह मामला मुस्लिम यूथ लीग के नेता मुहम्मद शिहाब द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर आधारित है, जिसमें भाजपा नेता पर धार्मिक घृणा भड़काने वाली टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया था।
पूर्व विधायक जॉर्ज पर एक टीवी चैनल पर चर्चा के दौरान अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ नफरत भरा बयान देने का आरोप है।
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