देश की खबरें | केरल, देश में राजनीति वास्तव में लोगों के लिए काम नहीं कर रही: प्रियंका गांधी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस महासचिव एवं वायनाड लोकसभा सीट पर उपचुनाव में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की उम्मीदवार प्रियंका गांधी वाद्रा ने मंगलवार को भाजपा नीत केंद्र सरकार और माकपा नीत केरल सरकार दोनों पर निशाना साधते हुए कहा कि केरल समेत देश में राजनीति ‘‘वास्तव में लोगों के लिए काम नहीं कर रही है।’’
वायनाड (केरल), पांच नवंबर कांग्रेस महासचिव एवं वायनाड लोकसभा सीट पर उपचुनाव में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की उम्मीदवार प्रियंका गांधी वाद्रा ने मंगलवार को भाजपा नीत केंद्र सरकार और माकपा नीत केरल सरकार दोनों पर निशाना साधते हुए कहा कि केरल समेत देश में राजनीति ‘‘वास्तव में लोगों के लिए काम नहीं कर रही है।’’
वायनाड निर्वाचन क्षेत्र में अपने पांच दिवसीय प्रचार अभियान के तीसरे दिन, प्रियंका ने इलाके में पर्याप्त पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के साथ-साथ पर्यटन में सुधार की आवश्यकता और कृषि क्षेत्र में गिरावट पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ‘‘एकमात्र उत्तर यह है कि देश और राज्य में जो राजनीति हम देख रहे हैं, वह वास्तव में आपके लिए काम नहीं कर रही है।’’
प्रियंका ने कहा कि वायनाड में मसालों सहित उच्च गुणवत्ता वाले कृषि उत्पादों का उत्पादन होने के बावजूद, कई किसानों को कृषि में कोई भविष्य नहीं दिखता है, क्योंकि यहां के निवासी, जिनमें छात्र भी शामिल हैं, बेहतर रोजगार के अवसरों और उच्च शिक्षा के लिए विदेश जा रहे हैं।
प्रियंका ने भारी बारिश के बीच, कोझिकोड जिले के थिरुवंबडी विधानसभा क्षेत्र के कूडारानजी और पनीकोड में नुक्कड़ सभाओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘अगर सरकार वाकई आपके लिए काम कर रही होती तो सामाजिक कल्याण पेंशन भुगतान में देरी नहीं होती।’’
कांग्रेस नेता ने वायनाड के भूस्खलन से संबंधित मुआवजे सहित लोगों को सीधे प्रभावित करने वाले मुद्दों का राजनीतिकरण करने के खिलाफ भी आगाह किया। उन्होंने कहा, ‘‘चाहे कोई भी सत्ता में हो, किसी को भी इस तरह की राजनीति नहीं करनी चाहिए।’’
प्रियंका ने भारतीय राजनीति के पिछले दशक को ‘‘बहुत दुखद और शर्मनाक’’ बताया और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जनता की जरूरतों को पूरा करने के बजाय विभाजनकारी तरीकों से सत्ता बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा डर, नफरत फैलाकर ध्यान भटकाती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने बड़े व्यवसायों के लिए 16 लाख करोड़ रुपये के ऋण माफ कर दिए हैं, लेकिन इसने वित्तीय बोझ से जूझ रहे किसानों की उपेक्षा की। उन्होंने आग्रह किया, ‘‘इसलिए, सही तरह की राजनीति के लिए वोट करें।’’
बाद में, मलप्पुरम जिले के एरानाड विधानसभा क्षेत्र के किझिस्सेरी कस्बे में दिन की अपनी अंतिम नुक्कड़ सभा में उन्होंने फिर से बेरोजगारी, बढ़ती कीमतें और अपर्याप्त स्वास्थ्य सेवा जैसे मुद्दे उठाए।
इससे पहले, कोडेंचेरी, थिरुवंबडी में नुक्कड़ सभा में प्रियंका गांधी ने कहा कि इस निर्वाचन क्षेत्र के लोग ही अंतत: यह फैसला करेंगे कि वह यहां बार बार आएं या दिल्ली में रहें।
प्रियंका ने यह टिप्पणी अपने प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों की टिप्पणियों के जवाब में की, जिनमें कहा गया था कि अगर कांग्रेस नेता सीट जीत जाती हैं तो वह वायनाड में शायद ही कभी दिखाई देंगी।
जब उनका बेटा बोर्डिंग स्कूल में पढ़ता था, उस समय को याद करते हुए प्रियंका ने कहा कि वह इतनी बार उससे मिलने जाती थीं कि प्रधानाचार्य ने अंततः उनसे अपने बेटे से कम मिलने को कहा।
उन्होंने कोझिकोड जिले के थिरुवंबडी विधानसभा क्षेत्र के कोडानचेरी में एक नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘इसलिए, अगर कोई कह रहा है कि मैं नहीं आऊंगी, तो आप जान लीजिए...प्रधानाचार्य की तरह वे कहेंगे ‘अब बहुत हो गया, जाइए और कुछ समय के लिए दिल्ली में रहिए।’’
प्रियंका ने कहा कि उनके लिए वायनाड का प्रत्येक व्यक्ति ‘‘कर्तव्य, जिम्मेदारी, प्रेम और स्नेह के मजबूत बंधन’’ का प्रतिनिधित्व करता है। कांग्रेस नेता ने आशा व्यक्त की कि वे उन्हें संसद में उनका प्रतिनिधित्व करने का अवसर देंगे।
वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के उम्मीदवार सत्यन मोकेरी ने दावा किया था कि अपने भाई राहुल गांधी की तरह प्रियंका भी वायनाड को एक संक्षिप्त पड़ाव के रूप में देखती हैं, कभी-कभार आती हैं और लगातार मौजूद नहीं रहती हैं। भाजपा की नाव्या हरिदास ने प्रियंका के आगमन और रोड शो की तुलना एक सालाना ‘‘उत्सव’’ से की।
नुक्कड़ सभाओं के दौरान कांग्रेस नेता ने मेडिकल कॉलेज की कमी, रात्रि यात्रा पर प्रतिबंध और मानव-पशु संघर्ष समेत स्थानीय मुद्दों पर प्रकाश डाला तथा इनके समाधान के लिए अपने भाई राहुल गांधी के प्रयासों की सराहना की।
प्रियंका ने कहा कि उनके दबाव के कारण सरकार ने वायनाड में एक अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में बदल दिया, हालांकि ‘‘राजनीतिक कारणों’’ से इसमें अभी भी आवश्यक सुविधाओं का अभाव है। कांग्रेस नेता ने निवासियों से इन मुद्दों को हल करने के लिए दबाव बनाने का आग्रह किया।
उन्होंने रोजगार के अवसर पैदा करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘हम विभिन्न प्रकार के पर्यटन, जैसे कि ‘इकोटूरिज्म’ और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देकर यह हासिल कर सकते हैं।’’
वायनाड लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में सात विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं-वायनाड जिले में मनंतवडी (एसटी), सुल्तान बाथरी (एसटी), और कलपेट्टा; कोझिकोड जिले में थिरुवंबडी; और मलप्पुरम जिले में एरानाड, नीलांबुर और वंडूर।
प्रियंका ने रविवार को दूसरे चरण का अपना प्रचार अभियान फिर से शुरू किया, जिसमें उन्होंने निर्वाचन क्षेत्र में अपने भाई राहुल गांधी के साथ रैलियां और नुक्कड़ सभाएं कीं। पहली बार चुनावी मैदान में उतरीं कांग्रेस महासचिव अपने कार्यक्रम के अनुसार सात नवंबर तक केरल में रहेंगी।
वायनाड सीट के लिए उपचुनाव इसलिए जरूरी हो गया था क्योंकि वायनाड और रायबरेली दोनों जगहों से लोकसभा सीटें जीतने वाले राहुल गांधी ने वायनाड सीट छोड़ने का फैसला किया। वायनाड में मतदान 13 नवंबर को होगा।
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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 05, 2024 08:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

