देश की खबरें | केरल: विपक्ष ने मानव-पशु संघर्ष के समाधान के लिए योजना के अभाव को लेकर सरकार पर निशाना साधा

तिरुवनंतपुरम, एक फरवरी कांग्रेस नीत यूडीएफ ने बुधवार को केरल विधानसभा में राज्य में वनों से सटे क्षेत्रों में मानव-पशु संघर्ष की बढ़ती घटनाओं और इस समस्या के समाधान के लिए योजना के अभाव का आरोप लगाते हुए सरकार पर निशाना साधा।

विपक्ष ने एलडीएफ सरकार की इस मुद्दे के समाधान को लेकर अध्ययन रिपोर्ट की प्रतीक्षा को लेकर भी आलोचना की। विधानसभा अध्यक्ष एएन शमसीर द्वारा स्थगन प्रस्ताव और इस मुद्दे पर चर्चा की मांग खारिज किए जाने के बाद विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन किया।

केरल के वनमंत्री ए.के. सशींद्रन द्वारा यह कहे जाने के बाद कि उनके विभाग के अधिकारी जंगलों से सटे क्षेत्रों में मनुष्यों पर जंगली जानवरों के हमलों की समस्या से निपटने के लिए दिन-रात कार्य कर रहे हैं, स्थगन प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया गया।

उन्होंने बताया, राज्य में मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के तरीकों का पता लगाने के लिए सरकार एक वैज्ञानिक अध्ययन करेगी। उनके मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में राज्य में जंगली जानवरों के हमलों में 600 से अधिक लोग मारे गए हैं।

गौरतलब है कि जंगली जानवरों, विशेष रूप से हाथियों के झुंड के बढ़ते खतरे को देखते हुए, राज्य वन्यजीव विभाग ने इडुक्की जिले के गांवों के आसपास 21 किलोमीटर तक सौर बाड़ लगाने का फैसला लिया है।

वन एवं जल संसाधन मंत्रियों की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई सर्वदलीय बैठक में यह निर्णय लिया गया।

वहीं, वायनाड जिले में, बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने मंगलवार को एक विरोध मार्च निकाला और एक व्यस्त सड़क की घेराबंदी कर जंगली जानवरों, विशेष रूप से बाघों के बढ़ते खतरे को रोकने के लिए अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

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