देश की खबरें | केरल : सड़क हादसे में पांच छात्रों समेत नौ लोगों की मौत
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केरल के पालक्काड जिले के वडक्कांचेरि में एक निजी पर्यटक बस और केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की बस के बीच टक्कर होने से पांच छात्रों समेत नौ लोगों की मौत हो गई। केरल के सड़क परिवहन मंत्री एंटनी राजू ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
पालक्काड/तिरुवनंतपुरम, छह अक्टूबर केरल के पालक्काड जिले के वडक्कांचेरि में एक निजी पर्यटक बस और केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की बस के बीच टक्कर होने से पांच छात्रों समेत नौ लोगों की मौत हो गई। केरल के सड़क परिवहन मंत्री एंटनी राजू ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
मंत्री ने बताया कि हादसा बुधवार रात करीब साढ़े 11 बजे हुआ, जब तेज रफ्तार से जा रही एक निजी बस एक गाड़ी को ‘ओवरटेक’ करने के प्रयास में केएसआरटीसी की बस से टकरा गई।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘हादसे में पांच छात्रों और एक शिक्षक समेत नौ लोगों की मौत हो गई।’’
परिवहन निगम की बस के चालक ने संवाददाताओं से कहा कि वह लगभग 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वाहन चला रहे थे, तभी अचानक एक निजी बस ने पीछे से टक्कर मार दी और वह मुश्किल से वाहन को नियंत्रित कर सके और उसे गहरे गड्ढे में गिरने से बचा पाये।
मंत्री ने बताया कि प्राथमिक जांच में संकेत मिले हैं कि हादसा चालक के बस को तेज गति से चलाने और उसकी लापरवाही के कारण हुआ। उन्होंने बताया कि पता चला है कि बस 97 किलोमीटर प्रतिघंटा से अधिक रफ्तार से दौड़ रही थी।
मंत्री ने बताया कि केएसआरटीसी की बस केरल के कोट्टारक्करा से तमिलनाडु के कोयंबटूर जा रही थी और उसमें 81 यात्री सवार थे, जिनमें से तीन की हादसे में मौत हो गई।
वहीं, निजी बस में एर्नाकुलम के ‘बेसिलियोस विद्या निकेतन सीनियर सेकेंडरी स्कूल’ के 42 छात्र और पांच शिक्षक सवार थे जो तमिलनाडु के ऊटी घूमने जा रहे थे।
राजू ने यह भी कहा कि स्कूल को यात्रा को लेकर आगे बढ़ने से पहले मोटर वाहन विभाग (एमवीडी) को यात्रा के बारे में अनिवार्य रूप से सूचित करना था और यह राज्य के सभी स्कूलों को लिखित रूप में पहले ही बता दिया गया था।
हालांकि, प्रारंभिक रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि स्कूल द्वारा एमवीडी को सूचित नहीं किया गया था।
एमवीडी के अधिकारी भी यह जानने स्कूल पहुंचे कि क्या स्कूल द्वारा यात्रा के बारे में विभाग को सूचित किया था या नहीं?
एमवीडी जांच महत्वपूर्ण है क्योंकि विभिन्न मोटर वाहन नियमों का उल्लंघन करने के चलते निजी बस को कोट्टयम आरटीओ द्वारा ‘काली सूची’ में डाला गया है, जहां यह पंजीकृत है।
इस बीच, केरल उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को पालक्काड में हुए सड़क हादसे पर पुलिस और मोटर वाहन विभाग (एमवीडी) से रिपोर्ट मांगी है। अदालत ने ‘लेजर लाइट’ और प्रतिबंधित हॉर्न का इस्तेमाल होने के बावजूद बस को ‘फिटनेस प्रमाणपत्र’ जारी किए जाने पर भी सवाल उठाए और मामले को सोमवार को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।
न्यायमूर्ति अनिल के नरेंद्रन और न्यायमूर्ति पी जी अजित कुमार की एक खंडपीठ ने मीडिया की खबरों के आधार पर हादसे पर स्वत: संज्ञान लेते हुए यह कदम उठाया। उसने वाहनों में ‘लेजर लाइट’ और प्रतिबंधित हॉर्न का इस्तेमाल न करने का निर्देश भी दिया। अदालत ने ऐसी लाइट व हॉर्न का इस्तेमाल करने वाले वाहनों को जब्त करने का निर्देश दिया।
वहीं, केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन और राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने दुर्घटना में नौ लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया।
राज्य के स्थानीय स्वशासन मंत्री एम बी राजेश पालक्काड के एक अस्पताल में भर्ती घायलों से मिलने पहुंचे।
उन्होंने पत्रकारों को बताया कि घायलों में से चार की हालत गंभीर है, जबकि अन्य लोगों की हालत स्थिर है।
इस बीच, राज्य के राजस्व मंत्री के राजन ने पत्रकारों से कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को मुआवजा देने पर विचार करने के लिए कैबिनेट की एक बैठक की जाएगी।
निजी बस में सवार छात्रों में से एक ने टीवी चैनल को बताया कि निजी बस बेहद तेज रफ्तार से चल रही थी और वह केएसआरटीसी की बस से जा टकराई।
पुलिस के मुताबिक, जान गंवाने वालों में तीन छात्राएं शामिल हैं।
मृतक छात्रों की उम्र 15 से 17 साल के बीच है। पुलिस ने बताया कि हादसे में करीब 40 लोग घायल भी हुए हैं।
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