देश की खबरें | केरल उच्च न्यायालय ने ‘भ्रामक’ विज्ञापन मामले में बाबा रामदेव के विरुद्ध कार्यवाही पर रोक लगाई
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कोच्चि, तीन अप्रैल केरल उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को योग गुरु बाबा रामदेव, उनके सहयोगी आचार्य बालकृष्ण और उनकी कंपनी दिव्य फार्मेसी के खिलाफ ‘‘भ्रामक’’ विज्ञापन मामले में निचली अदालत में सभी कार्यवाही पर रोक लगा दी।
रामदेव और अन्य की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अजित कुमार (सस्थमंगलम) ने इस बात की पुष्टि की कि न्यायमूर्ति वी जी अरुण ने पलक्कड़ मजिस्ट्रेट अदालत में कार्यवाही पर तीन महीने के लिए रोक लगा दी है।
यह अंतरिम आदेश कंपनी, रामदेव और बालकृष्ण द्वारा दायर याचिका पर जारी किया गया, जिसमें मामले में उनके खिलाफ कार्यवाही को रद्द करने का अनुरोध किया गया था।
इन तीनों के खिलाफ कार्यवाही पलक्कड़ के औषधि निरीक्षक की शिकायत पर शुरू की गई थी।
औषधि निरीक्षक की शिकायत पर उनके खिलाफ औषधि एवं जादुई उपचार (आपत्तिजनक विज्ञापन) अधिनियम 1954 की धारा 3(डी) सह धारा 7(ए) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
अधिनियम की धारा 3 कुछ बीमारियों और विकारों के उपचार के लिए कुछ दवाओं के विज्ञापन पर प्रतिबंध लगाती है और धारा 7 उपरोक्त अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए दंड की व्यवस्था करती है।
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