कोच्चि, 23 जून केरल उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को केएसयू के एक पूर्व संयोजक को पूछताछ के लिए पुलिस के सामने पेश होने का निर्देश देते हुए डिग्री प्रमाणपत्र में कथित रूप से फर्जीवाड़ा करने के मामले में उनकी अग्रिम जमानत याचिका मंजूर कर ली।
न्यायमूर्ति जियाद रहमान ए.ए. ने केरल स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) के पूर्व संयोजक अंसिल जलील को निर्देश दिया कि वह पूछताछ के लिये एक हफ्ते के अंदर जांच अधिकारी के समक्ष पेश हों। अदालत ने हालांकि आदेश दिया कि गिरफ्तारी की स्थिति में जलील को जमानत पर रिहा किया जाए।
यह आदेश इस महीने की शुरुआत में जलील के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद दायर अग्रिम जमानत की याचिका पर दिया गया।
अदालत ने कहा, “पूछताछ के बाद, यदि याचिकाकर्ता (जलील) की गिरफ्तारी होती है, तो उसे... समान राशि के दो सक्षम जमानतदारों के साथ 50,000 रुपये के बांड भरने पर जमानत पर रिहा किया जाएगा। यह आदेश दो सप्ताह की अवधि के लिए लागू रहेगा।”
इसमें कहा गया है कि यह आदेश “जांच में याचिकाकर्ता का सहयोग सुनिश्चित करने के लिए” जारी किया जा रहा है।
जलील पर बीकॉम डिग्री प्रमाणपत्र में फर्जीवाड़ा करने का आरोप है। पुलिस ने केरल विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक की शिकायत के आधार पर जांच शुरू की, जिसमें कथित तौर पर पाया गया कि विश्वविद्यालय द्वारा जलील को जारी किया गया ‘‘प्रमाणपत्र’’ नकली था।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY