देश की खबरें | केरल सरकार ने पीएससी रैंक सूची के विस्तार की मांग खारिज की; यूडीएफ ने बहिर्गमन किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. नौकरी के आकांक्षियों के जोरदार प्रदर्शन के बावजूद केरल की वामपंथी सरकार ने सोमवार को स्पष्ट कर दिया कि लोक सेवा आयोग (पीएससी) की रैंक सूची की वैधता और नहीं बढ़ाई जाएगी। वहीं विपक्ष ने इस मुद्दे पर विधानसभा से बहिर्गमन किया।
तिरूवनंतपुरम, दो अगस्त नौकरी के आकांक्षियों के जोरदार प्रदर्शन के बावजूद केरल की वामपंथी सरकार ने सोमवार को स्पष्ट कर दिया कि लोक सेवा आयोग (पीएससी) की रैंक सूची की वैधता और नहीं बढ़ाई जाएगी। वहीं विपक्ष ने इस मुद्दे पर विधानसभा से बहिर्गमन किया।
इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के विधानसभा में बयान के बाद सिविल पुलिस अधिकारी रैंक की सूची में शामिल महिला उम्मीदवारों के एक समूह ने यहां राज्य सचिवालय के बाहर विरोधस्वरूप अपने बाल कटा लिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की घोषित नीति है कि रिक्तियों को रैंक सूची की अवधि के दौरान भरा जाएगा और पीएससी तथा नियुक्ति अधिकारी इस सिलसिले में सभी आवश्यक कदम उठा रहे हैं।
केरल में पीएससी भर्ती के लिए शीर्ष प्राधिकरण है।
उन्होंने विपक्ष के नोटिस पर जवाब देते हुए कहा कि चार अगस्त को समाप्त होने वाली सभी रैंक सूची तीन वर्ष की वैध अवधि को पार कर चुकी हैं। विपक्ष इस मामले में स्थगन प्रस्ताव की मांग कर रहा था।
विजयन ने कहा, ‘‘कोविड-19 के प्रसार के कारण पीएससी समय पर परीक्षाएं आयोजित नहीं कर सका। लेकिन महामारी की स्थिति के कारण रिक्तियों के बारे में सूचना और उन्हें भरने में विलंब नहीं हुआ है। सरकार ने रिक्तियों के बारे में पीएससी को सूचना देने के लिए हरसंभव कदम उठाया है।’’
उन्होंने कहा कि इसलिए रैंक सूची को और आगे बढ़ाने की कोई परिस्थिति अभी नहीं है।
इस मुद्दे पर सरकार पर प्रहार करते हुए शफी पराम्बिल (कांग्रेस) ने आरोप लगाए कि सरकार रिक्तियों की सूचना देने में विफल रही और राज्य में नियुक्ति पर अघोषित रोक लगी हुई है। शफी ने ही विधानसभा में नोटिस पेश किया था।
उन्होंने कहा, ‘‘हम सरकार से आग्रह करते हैं कि लोक सेवा आयोग को पार्टी सेवा आयोग नहीं बनाया जाए।’’
उन्होंने आरोप लगाए कि माकपा नीत सरकार अपनी पार्टी के लोगों को विभिन्न विभागों में अस्थायी तौर पर भरने का प्रयास कर रही है और रिक्तियों के बारे में पीएससी को समय पर सूचना नहीं दे रही है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)