देश की खबरें | केरल सोना तस्करी मामला: ईडी ने स्पप्न सुरेश के दावों को खारिज किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने केरल के सोना तस्करी मामले की ‘‘मुख्य आरोपी’’ स्वप्न सुरेश द्वारा एक ऑडियो क्लिप में किए गए दबाव डालने के दावों को खारिज किया है। वहीं आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को कहा कि एजेंसी धनशोधन की गहराई से जांच कर रही है जिसमें कई लोग संलिप्त हैं।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

तिरुवनंतपुरम/नयी दिल्ली, 20 नवम्बर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने केरल के सोना तस्करी मामले की ‘‘मुख्य आरोपी’’ स्वप्न सुरेश द्वारा एक ऑडियो क्लिप में किए गए दबाव डालने के दावों को खारिज किया है। वहीं आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को कहा कि एजेंसी धनशोधन की गहराई से जांच कर रही है जिसमें कई लोग संलिप्त हैं।

केंद्रीय जांच एजेंसी ने केरल जेल विभाग को भी पत्र लिखा है और इसकी जांच करने के लिए कहा है कि जेल में आरोपियों के लिए निर्धारित दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए क्लिप कैसे रिकॉर्ड की गई और कैसे प्रसारित की गई।

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सूत्रों ने कहा कि यदि यह क्लिप सही है, तो यह कानूनी प्रक्रियाओं का एक ‘‘गंभीर उल्लंघन’’ है और इसका उद्देश्य एक हाई-प्रोफ़ाइल आपराधिक मामले में जांच पटरी से उतारना है, जिसके अंतरराष्ट्रीय प्रभाव हैं।

बताया जाता है कि एक ऑनलाइन न्यूज पोर्टल द्वारा एक आडियो क्लिप जारी की गई है जो कथित तौर पर सुरेश की है, जो कि वर्तमान समय में न्यायिक हिरासत में है। इसमें आरोप लगाया गया है कि ईडी उस पर मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के खिलाफ बयान देने के लिए दबाव बना रहा है।

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इस घटनाक्रम से राज्य में एक राजनीतिक हलचल उत्पन्न हो गई है।

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि सुरेश इस मामले में एक ‘‘मुख्य आरोपी’’ है और कुछ नाम लेने के लिए प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दबाव डालने के क्लिप में लगाए गए आरोप ‘‘झूठे हैं और इसका उद्देश्य मामले में जांच को बाधित करना है।’’

सूत्रों ने कहा कि ईडी ने उसे मामले में सरकारी गवाह बनाने की पेशकश नहीं की है।

सूत्रों ने कहा कि एजेंसी सोने की तस्करी से जुड़े इस धनशोधन मामले में ‘‘गहरायी से जांच’’ कर रही है और ‘मनी ट्रेल’ (धनराशि कहां से आयी और कहां गई) का पता लगा रही है जो कई लोगों तक पहुंचती है।

उन्होंने कहा कि इस मामले में सुरेश से पूछताछ की गई है और उसके बयान को धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज किया गया है जो उसके द्वारा विधिवत हस्ताक्षरित किया गया है। उन्होंने कहा कि पूरी कार्यवाही कानून के अनुसार की गई है।

पीएमएलए की धारा 50 के तहत किसी व्यक्ति द्वारा दिया गया बयान कानून की अदालत में स्वीकार्य है।

एजेंसी ने कुछ समय पहले इस मामले में अपना पहला आरोपपत्र या अभियोजन की शिकायत दाखिल की थी और इसमें सुरेश और अन्य का नाम था।

उन्होंने कहा कि इस तरह के कई और पूरक आरोपपत्र ईडी द्वारा दायर किए जाने की उम्मीद है, जिसमें धनशोधन कानून रोकथाम कानून के तहत आरोपियों की संपत्ति की संभावित कुर्की भी हो सकती है।

राज्य जेल विभाग ने पहले ही आडियो क्लिप के सामने आने की जांच के आदेश दिए हैं।

क्लिप में, सुरेश ने कथित तौर पर कहा है कि जांच एजेंसियों ने उसे विजयन का नाम लेने के लिए मजबूर करने की कोशिश की, जिससे उसने इनकार कर दिया।

क्लिप में आरोप लगाया गया है कि उसे अपने बयान के संबंध में दस्तावेजों पर उन्हें पढ़े बिना ही हस्ताक्षर करने के लिए भी कहा गया था।

दक्षिण क्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक अजय कुमार को ऑडियो क्लिप घटना की जांच का जिम्मा सौंपा गया है। उन्होंने शुक्रवार को तिरुवनंतपुरम की अट्टाकुलंगरा महिला जेल का दौरा किया और संवाददाताओं को बताया कि सुरेश ने स्वीकार किया है कि क्लिप में आवाज उसकी है।

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