देश की खबरें | प्राथमिक दुग्ध सहकारी समितियों पर आयकर लगाने के खिलाफ प्रस्ताव पेश करेगी केरल विधानसभा

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तिरुवनंतपुरम, सात सितंबर केरल की पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री जे चिंचुरानी ने प्राथमिक दुग्ध सहकारी समितियों पर आयकर लगाने के केंद्र सरकार के कदम का विरोध करते हुए मंगलवार को कहा कि इस प्रस्ताव के खिलाफ राज्य विधानसभा में एक प्रस्ताव लाकर विपक्ष के समर्थन से सर्वसम्मति से पारित किया जाएगा।

केरल सहकारी दुग्ध विपणन फेडरेशन (केसीएमएमएफ) द्वारा यहां आयोजित एक बैठक में मंत्री ने कहा कि केंद्र का कदम ''पूरी तरह से अस्वीकार्य'' है और राज्य तब तक इस प्रस्ताव का विरोध करेगा जब तक इसे वापस नहीं ले लिया जाता।

मंत्री ने कहा, ''केंद्र ने समाज के सबसे निचले पायदान पर मौजूद डेयरी किसानों पर एक बड़ा बोझ डाला है। यह झटका ऐसे समय में दिया गया है जब वे कोविड -19 महामारी के कारण गंभीर कठिनाइयों के बीच डेयरी क्षेत्र को थामे रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जब तक इसे वापस नहीं लिया जाता, तब तक केरल इस फैसले का विरोध करना जारी रखेगा।''

उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव के खिलाफ राज्य विधानसभा में एक प्रस्ताव लाकर विपक्ष के समर्थन से सर्वसम्मति से पारित किया जाएगा।

प्रत्यक्ष कर बोर्ड के दिनांक 30 जून 2021 के परिपत्र संख्या 13/2021 के अनुसार आयकर अधिनियम-1961 की धारा 194 क्यू के दिशा-निर्देशों के तहत प्राथमिक दुग्ध सहकारी समितियां भी आयकर के दायरे में आती हैं।

कर की गणना में दूध की खरीद और वितरण के अलावा,पशु चारा बिक्री सहित सभी संबद्ध उत्पादों से होने वाली आय को ध्यान में रखा जाएगा।

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