देश की खबरें | केरल: बड़ी संख्या में महिलाएं अट्टुकल भगवती मंदिर में प्रसाद चढ़ाने पहुंचीं
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. समूचे केरल, अन्य राज्यों और विदेशों से बड़ी संख्या में राजधानी तिरुवनंतपुरम पहुंचीं महिलाओं ने बृहस्पतिवार को चिलचिलाती धूप में अट्टुकल भगवती मंदिर की मुख्य देवी को ‘पोंगाला’ (प्रसाद) चढ़ाया।
तिरुवनंतपुरम, 13 मार्च समूचे केरल, अन्य राज्यों और विदेशों से बड़ी संख्या में राजधानी तिरुवनंतपुरम पहुंचीं महिलाओं ने बृहस्पतिवार को चिलचिलाती धूप में अट्टुकल भगवती मंदिर की मुख्य देवी को ‘पोंगाला’ (प्रसाद) चढ़ाया।
छाता थामे या सिर पर टोपी पहने ये महिलाएं सुबह से ही शहर के बीचों-बीच कई किलोमीटर तक सड़कों के किनारे ईंटों से बना अस्थायी चूल्हा लेकर तैयार खड़ी थीं।
कुछ महिलाओं ने संवाददाताओं को बताया कि वे बुधवार रात से ही निर्धारित स्थानों पर इंतजार कर रही थीं।
मानदेय और सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले लाभों में बढ़ोतरी की मांग को लेकर पिछले एक महीने से सचिवालय के बाहर आंदोलन कर रहीं मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (आशा) कार्यकर्ताओं के एक वर्ग ने भी विरोध स्थल पर ‘पोंगाला’ अनुष्ठान किया।
इनके अलावा, अभिनेता जयराम की पत्नी पार्वती और उनकी पुत्रवधू समेत कई हस्तियां भी इस पवित्र अनुष्ठान के लिए राज्य की राजधानी पहुंचीं।
केंद्रीय राज्य मंत्री सुरेश गोपी के परिवार ने पूर्व की तरह यहां अपने आवास पर ही अनुष्ठान किया।
इस बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर, पार्टी विधायक एम. विंसेंट, राज्य के मंत्रियों जी. आर. अनिल, वी. एन. वासवन और पी. ए. मोहम्मद रियास के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता एवं पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर भी अट्टुकल भगवती मंदिर में मौजूद थे।
एक टीवी चैनल से बात करते हुए थरूर ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान के समय को छोड़कर हर साल इस अनुष्ठान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि देखी गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘आज सुबह जब मैं घर से निकला तो मैंने देखा कि हर जगह भीड़ थी।’’
‘पोंगाला’ को चावल, गुड़ और नारियल से मिट्टी या धातु के नए बर्तनों में पकाया जाता है।
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