नयी दिल्ली, पांच जनवरी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सरकार को दरकिनार करते हुए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में 10 ‘एल्डरमैन’ मनोनीत करने के ‘असंवैधानिक तरीके’ को लेकर उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना को पत्र लिखा है।
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी दिल्ली नगर निगम के आयुक्त को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर आगे कोई कार्रवाई नहीं करने का अनुरोध किया है।
‘एल्डरमैन’ उन्हें कहा जाता है, जो अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ होते हैं। हालांकि, उन्हें महापौर चुनाव में मतदान करने का अधिकार नहीं होता।
महापौर के चुनाव से पहले एमसीडी में 10 एल्डरमैन मनोनीत किए गए हैं।
चार दिसंबर को हुए चुनाव के बाद शुक्रवार को होने वाले एमसीडी के पहले सत्र के दौरान हंगामा होने के आसार हैं। सत्र में सभी नवनिर्वाचित पार्षद शपथ लेंगे और महापौर व उपमहापौर का चुनाव किया जाएगा।
केजरीवाल ने कहा कि परंपरागत रूप से, धारा 3 (बी) (आई) के तहत मनोनयन से संबंधित सभी फाइल शहरी विकास विभाग के माध्यम से भेजी जाती हैं, जो नगर निगम का नोडल विभाग है।
केजरीवाल ने सक्सेना को लिखे पत्र में कहा, “ऐसी फाइल की आवश्यकता होती है और अतीत में हमेशा शहरी विकास विभाग/मंत्रालय के प्रभारी मंत्री के समक्ष ये फाइल रखी जाती रही हैं।”
उन्होंने कहा, “इसलिए, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हाल ही में, इस स्थापित परंपरा से पूरी तरह से हटकर, दिल्ली सरकार को पूरी तरह से दरकिनार करते हुए एमसीडी के आयुक्त ने सीधे उपराज्यपाल को फाइलें भेजीं। यह कानून और संविधान के विपरीत है।’’
सिसोदिया ने ‘एल्डरमैन’ के मनोनयन के दौरान “निर्वाचित राज्य सरकार को दरकिनार” करने के लिए एमसीडी आयुक्त ज्ञानेश भारती को पत्र लिखा और उन्हें इस संबंध में कोई और कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया।
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